14 सितंबर 2025 को कोहिमा का चौघड़िया

रविवार, 14 सितंबर 2025, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 14 सितंबर 2025 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (05:04 तक), नक्षत्र रोहिणी (08:41 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 15:46 से 17:18 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 17:18
रात 04:59 तक
तिथि
अष्टमी, 03:06 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 08:41 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग04:58 – 06:31टालें
चर06:31 – 08:03सामान्य
लाभ08:03 – 09:36शुभ
अमृत09:36 – 11:08शुभ
काल11:08 – 12:41टालें
शुभ12:41 – 14:13शुभ
रोग14:13 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:18 – 18:46शुभ
अमृत18:46 – 20:14शुभ
चर20:14 – 21:41सामान्य
रोग21:41 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:36टालें
लाभ00:36 – 02:04शुभ
उद्वेग02:04 – 03:31टालें
शुभ03:31 – 04:59शुभ

14 सितंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 05:04 तक
कृष्ण अष्टमी 03:06, 15 सित॰ तक
कृष्ण नवमी 01:31, 16 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:41 तक
मृगशिरा 07:31, 15 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 07:35 तक
सिद्धि 04:55, 15 सित॰ तक
व्यतीपातअशुभ 02:34, 16 सित॰ तक
करण
बव 05:04 तक
बालव 16:02 तक
कौलव 03:06, 15 सित॰ तक
तैतिल 14:16, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 20:03 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
22:17
चंद्रास्त
11:50
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:25 – 04:12
अभिजीत मुहूर्त
10:44 – 11:33

अशुभ समय

राहुकाल
15:46 – 17:18
यमगंड
11:08 – 12:41
गुलिक काल
14:13 – 15:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य04:5806:00दिन
शुक्र06:0007:02दिन
बुध07:0208:03दिन
चंद्र08:0309:05दिन
शनि09:0510:07दिन
गुरु10:0711:08दिन
मंगल11:0812:10दिन
सूर्य12:1013:12दिन
शुक्र13:1214:13दिन
बुध14:1315:15दिन
चंद्र15:1516:17दिन
शनि16:1717:18दिन
गुरु17:1818:17रात
मंगल18:1719:15रात
सूर्य19:1520:14रात
शुक्र20:1421:12रात
बुध21:1222:10रात
चंद्र22:1023:09रात
शनि23:0900:07रात
गुरु00:0701:05रात
मंगल01:0502:04रात
सूर्य02:0403:02रात
शुक्र03:0204:00रात
बुध04:0004:59रात

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।