25 अक्टूबर 2025 को कोहिमा का चौघड़िया

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (03:48, 26 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (07:51 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 16:37 पर है। राहुकाल 08:07 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 16:37
रात 05:18 तक
तिथि
चतुर्थी, 03:48 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:17 – 06:42टालें
शुभ06:42 – 08:07शुभ
रोग08:07 – 09:32टालें
उद्वेग09:32 – 10:57टालें
चर10:57 – 12:22सामान्य
लाभ12:22 – 13:47शुभ
अमृत13:47 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:37 – 18:12शुभ
उद्वेग18:12 – 19:47टालें
शुभ19:47 – 21:22शुभ
अमृत21:22 – 22:57शुभ
चर22:57 – 00:32सामान्य
रोग00:32 – 02:07टालें
काल02:07 – 03:43टालें
लाभ03:43 – 05:18शुभ

25 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 03:48, 26 अक्टू॰ तक
शुक्ल पंचमी 06:05, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 10:46, 26 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 05:54 तक
शोभन 06:45, 26 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:35 तक
विष्टि (भद्रा) 03:48, 26 अक्टू॰ तक
बव 16:59, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
16:37
चंद्रोदय
08:31
चंद्रास्त
18:55
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:26
अभिजीत मुहूर्त
10:34 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:07 – 09:32
यमगंड
12:22 – 13:47
गुलिक काल
05:17 – 06:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1706:14दिन
गुरु06:1407:10दिन
मंगल07:1008:07दिन
सूर्य08:0709:04दिन
शुक्र09:0410:00दिन
बुध10:0010:57दिन
चंद्र10:5711:54दिन
शनि11:5412:50दिन
गुरु12:5013:47दिन
मंगल13:4714:44दिन
सूर्य14:4415:40दिन
शुक्र15:4016:37दिन
बुध16:3717:40रात
चंद्र17:4018:44रात
शनि18:4419:47रात
गुरु19:4720:50रात
मंगल20:5021:54रात
सूर्य21:5422:57रात
शुक्र22:5700:01रात
बुध00:0101:04रात
चंद्र01:0402:07रात
शनि02:0703:11रात
गुरु03:1104:14रात
मंगल04:1405:18रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।