6 नवंबर 2025 को कोहिमा का चौघड़िया

गुरुवार, 6 नवंबर 2025, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:55 तक), नक्षत्र भरणी (06:34 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 16:29 पर है। राहुकाल 12:20 से 13:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 16:29
रात 05:25 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:55 तक
द्वितीया
नक्षत्र
कृत्तिका, 03:27 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:24 – 06:47शुभ
रोग06:47 – 08:11टालें
उद्वेग08:11 – 09:34टालें
चर09:34 – 10:57सामान्य
लाभ10:57 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 13:43शुभ
काल13:43 – 15:06टालें
शुभ15:06 – 16:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:29 – 18:06शुभ
चर18:06 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:20टालें
काल21:20 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 02:11टालें
शुभ02:11 – 03:48शुभ
अमृत03:48 – 05:25शुभ

6 नवंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:55 तक
कृष्ण द्वितीया 11:05, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 06:34 तक
कृत्तिका 03:27, 7 नव॰ तक
रोहिणी 00:33, 8 नव॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 07:04 तक
वरीयान 02:41, 7 नव॰ तक
परिघअशुभ 22:27, 7 नव॰ तक
करण
कौलव 14:55 तक
तैतिल 00:59, 7 नव॰ तक
गर 11:05, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 11:47 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
16:29
चंद्रोदय
16:56
चंद्रास्त
06:03
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:41 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
10:34 – 11:19

अशुभ समय

राहुकाल
12:20 – 13:43
यमगंड
05:24 – 06:47
गुलिक काल
08:11 – 09:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2406:20दिन
मंगल06:2007:15दिन
सूर्य07:1508:11दिन
शुक्र08:1109:06दिन
बुध09:0610:01दिन
चंद्र10:0110:57दिन
शनि10:5711:52दिन
गुरु11:5212:47दिन
मंगल12:4713:43दिन
सूर्य13:4314:38दिन
शुक्र14:3815:33दिन
बुध15:3316:29दिन
चंद्र16:2917:33रात
शनि17:3318:38रात
गुरु18:3819:43रात
मंगल19:4320:47रात
सूर्य20:4721:52रात
शुक्र21:5222:57रात
बुध22:5700:02रात
चंद्र00:0201:06रात
शनि01:0602:11रात
गुरु02:1103:16रात
मंगल03:1604:20रात
सूर्य04:2005:25रात

अयनांश 24.2181° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।