18 मार्च 2027 को कोहिमा का चौघड़िया

गुरुवार, 18 मार्च 2027, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 18 मार्च 2027 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (01:51, 19 मार्च तक), नक्षत्र पुष्य (03:21, 19 मार्च तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 12:52 से 14:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 17:23
रात 05:19 तक
तिथि
एकादशी, 01:51 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 03:21 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:20 – 06:50शुभ
रोग06:50 – 08:21टालें
उद्वेग08:21 – 09:51टालें
चर09:51 – 11:21सामान्य
लाभ11:21 – 12:52शुभ
अमृत12:52 – 14:22शुभ
काल14:22 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:23 – 18:53शुभ
चर18:53 – 20:22सामान्य
रोग20:22 – 21:51टालें
काल21:51 – 23:21टालें
लाभ23:21 – 00:50शुभ
उद्वेग00:50 – 02:20टालें
शुभ02:20 – 03:49शुभ
अमृत03:49 – 05:19शुभ

18 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 01:51, 19 मार्च तक
शुक्ल द्वादशी 23:17, 19 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 03:21, 19 मार्च तक
आश्लेषा 01:31, 20 मार्च तक
योग
शोभन 05:47 तक
अतिगंडअशुभ 02:34, 19 मार्च तक
सुकर्मा 23:19, 19 मार्च तक
करण
वणिज 15:07 तक
विष्टि (भद्रा) 01:51, 19 मार्च तक
बव 12:34, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
13:08
चंद्रास्त
02:12
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
12:52 – 14:22
यमगंड
05:20 – 06:50
गुलिक काल
08:21 – 09:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2006:20दिन
मंगल06:2007:20दिन
सूर्य07:2008:21दिन
शुक्र08:2109:21दिन
बुध09:2110:21दिन
चंद्र10:2111:21दिन
शनि11:2112:22दिन
गुरु12:2213:22दिन
मंगल13:2214:22दिन
सूर्य14:2215:23दिन
शुक्र15:2316:23दिन
बुध16:2317:23दिन
चंद्र17:2318:23रात
शनि18:2319:22रात
गुरु19:2220:22रात
मंगल20:2221:22रात
सूर्य21:2222:21रात
शुक्र22:2123:21रात
बुध23:2100:21रात
चंद्र00:2101:20रात
शनि01:2002:20रात
गुरु02:2003:19रात
मंगल03:1904:19रात
सूर्य04:1905:19रात

अयनांश 24.2371° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।