25 दिसंबर 2024 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 25 दिसंबर 2024, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 दिसंबर 2024 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (22:29 तक), नक्षत्र चित्रा (15:22 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 12:33 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:07
रात 06:59 तक
तिथि
दशमी, 22:29 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा, 15:22 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:59 – 08:22शुभ
अमृत08:22 – 09:46शुभ
काल09:46 – 11:09टालें
शुभ11:09 – 12:33शुभ
रोग12:33 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:20टालें
चर15:20 – 16:43सामान्य
लाभ16:43 – 18:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:07 – 19:43टालें
शुभ19:43 – 21:20शुभ
अमृत21:20 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:46टालें
लाभ03:46 – 05:23शुभ
उद्वेग05:23 – 06:59टालें

25 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 22:29 तक
कृष्ण एकादशी 00:44, 27 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 15:22 तक
स्वाति 18:09, 26 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 21:46 तक
सुकर्मा 22:23, 26 दिस॰ तक
करण
वणिज 09:13 तक
विष्टि (भद्रा) 22:29 तक
बव 11:40, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
01:58
चंद्रास्त
13:47
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:33 – 13:56
यमगंड
08:22 – 09:46
गुलिक काल
11:09 – 12:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5907:54दिन
चंद्र07:5408:50दिन
शनि08:5009:46दिन
गुरु09:4610:41दिन
मंगल10:4111:37दिन
सूर्य11:3712:33दिन
शुक्र12:3313:28दिन
बुध13:2814:24दिन
चंद्र14:2415:20दिन
शनि15:2016:16दिन
गुरु16:1617:11दिन
मंगल17:1118:07दिन
सूर्य18:0719:11रात
शुक्र19:1120:16रात
बुध20:1621:20रात
चंद्र21:2022:24रात
शनि22:2423:29रात
गुरु23:2900:33रात
मंगल00:3301:37रात
सूर्य01:3702:42रात
शुक्र02:4203:46रात
बुध03:4604:50रात
चंद्र04:5005:55रात
शनि05:5506:59रात

अयनांश 24.2060° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।