30 जनवरी 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

गुरुवार, 30 जनवरी 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 जनवरी 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (16:11 तक), नक्षत्र श्रवण (07:15 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:37 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:28
रात 07:04 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:11 तक
द्वितीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 05:50 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:04 – 08:29शुभ
रोग08:29 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:20टालें
चर11:20 – 12:46सामान्य
लाभ12:46 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:37शुभ
काल15:37 – 17:02टालें
शुभ17:02 – 18:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:28 – 20:02शुभ
चर20:02 – 21:37सामान्य
रोग21:37 – 23:11टालें
काल23:11 – 00:46टालें
लाभ00:46 – 02:20शुभ
उद्वेग02:20 – 03:55टालें
शुभ03:55 – 05:29शुभ
अमृत05:29 – 07:04शुभ

30 जनवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 16:11 तक
शुक्ल द्वितीया 13:59, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:15 तक
धनिष्ठा 05:50, 31 जन॰ तक
शतभिषा 04:14, 1 फ़र॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 18:33 तक
वरीयान 15:32, 31 जन॰ तक
करण
बव 16:11 तक
बालव 03:06, 31 जन॰ तक
कौलव 13:59, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 18:35 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
07:44
चंद्रास्त
19:24
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:09

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:37
यमगंड
07:04 – 08:29
गुलिक काल
09:55 – 11:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0408:01दिन
मंगल08:0108:58दिन
सूर्य08:5809:55दिन
शुक्र09:5510:52दिन
बुध10:5211:49दिन
चंद्र11:4912:46दिन
शनि12:4613:43दिन
गुरु13:4314:40दिन
मंगल14:4015:37दिन
सूर्य15:3716:34दिन
शुक्र16:3417:31दिन
बुध17:3118:28दिन
चंद्र18:2819:31रात
शनि19:3120:34रात
गुरु20:3421:37रात
मंगल21:3722:40रात
सूर्य22:4023:43रात
शुक्र23:4300:46रात
बुध00:4601:49रात
चंद्र01:4902:52रात
शनि02:5203:55रात
गुरु03:5504:58रात
मंगल04:5806:01रात
सूर्य06:0107:04रात

अयनांश 24.2074° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।