10 मार्च 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

सोमवार, 10 मार्च 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 मार्च 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (07:45 तक), नक्षत्र पुष्य (00:51, 11 मार्च तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 18:42
रात 06:44 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 00:51 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:44 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:44टालें
शुभ09:44 – 11:13शुभ
रोग11:13 – 12:43टालें
उद्वेग12:43 – 14:13टालें
चर14:13 – 15:42सामान्य
लाभ15:42 – 17:12शुभ
अमृत17:12 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:42 – 20:12सामान्य
रोग20:12 – 21:42टालें
काल21:42 – 23:12टालें
लाभ23:12 – 00:43शुभ
उद्वेग00:43 – 02:13टालें
शुभ02:13 – 03:43शुभ
अमृत03:43 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:44सामान्य

10 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:45 तक
शुक्ल द्वादशी 08:14, 11 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 00:51, 11 मार्च तक
आश्लेषा 02:15, 12 मार्च तक
योग
शोभन 13:56 तक
अतिगंडअशुभ 13:17, 11 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:45 तक
बव 19:56 तक
बालव 08:14, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
15:28
चंद्रास्त
04:04
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:44
यमगंड
11:13 – 12:43
गुलिक काल
14:13 – 15:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4407:44दिन
शनि07:4408:44दिन
गुरु08:4409:44दिन
मंगल09:4410:43दिन
सूर्य10:4311:43दिन
शुक्र11:4312:43दिन
बुध12:4313:43दिन
चंद्र13:4314:42दिन
शनि14:4215:42दिन
गुरु15:4216:42दिन
मंगल16:4217:42दिन
सूर्य17:4218:42दिन
शुक्र18:4219:42रात
बुध19:4220:42रात
चंद्र20:4221:42रात
शनि21:4222:42रात
गुरु22:4223:42रात
मंगल23:4200:43रात
सूर्य00:4301:43रात
शुक्र01:4302:43रात
बुध02:4303:43रात
चंद्र03:4304:43रात
शनि04:4305:43रात
गुरु05:4306:44रात

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।