7 अप्रैल 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

सोमवार, 7 अप्रैल 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 7 अप्रैल 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (20:00 तक), नक्षत्र पुष्य (06:24 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 07:56 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:47
रात 06:22 तक
तिथि
दशमी, 20:00 तक
एकादशी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:23 – 07:56शुभ
काल07:56 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:35टालें
उद्वेग12:35 – 14:08टालें
चर14:08 – 15:41सामान्य
लाभ15:41 – 17:14शुभ
अमृत17:14 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:47 – 20:14सामान्य
रोग20:14 – 21:41टालें
काल21:41 – 23:07टालें
लाभ23:07 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 02:01टालें
शुभ02:01 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 04:55शुभ
चर04:55 – 06:22सामान्य

7 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 20:00 तक
शुक्ल एकादशी 21:13, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 06:24 तक
आश्लेषा 07:55, 8 अप्रैल तक
योग
धृति 18:18 तक
शूलअशुभ 18:10, 8 अप्रैल तक
करण
तैतिल 07:37 तक
गर 20:00 तक
वणिज 08:32, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
14:19
चंद्रास्त
02:48
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
07:56 – 09:29
यमगंड
11:02 – 12:35
गुलिक काल
14:08 – 15:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2307:25दिन
शनि07:2508:27दिन
गुरु08:2709:29दिन
मंगल09:2910:31दिन
सूर्य10:3111:33दिन
शुक्र11:3312:35दिन
बुध12:3513:37दिन
चंद्र13:3714:39दिन
शनि14:3915:41दिन
गुरु15:4116:43दिन
मंगल16:4317:45दिन
सूर्य17:4518:47दिन
शुक्र18:4719:45रात
बुध19:4520:43रात
चंद्र20:4321:41रात
शनि21:4122:38रात
गुरु22:3823:36रात
मंगल23:3600:34रात
सूर्य00:3401:32रात
शुक्र01:3202:30रात
बुध02:3003:28रात
चंद्र03:2804:26रात
शनि04:2605:24रात
गुरु05:2406:22रात

अयनांश 24.2100° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।