14 सितंबर 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

रविवार, 14 सितंबर 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 14 सितंबर 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (03:06, 15 सित॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (08:41 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 17:03 से 18:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:35
रात 06:21 तक
तिथि
अष्टमी, 03:06 तक
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:21 – 07:53टालें
चर07:53 – 09:24सामान्य
लाभ09:24 – 10:56शुभ
अमृत10:56 – 12:28शुभ
काल12:28 – 14:00टालें
शुभ14:00 – 15:32शुभ
रोग15:32 – 17:03टालें
उद्वेग17:03 – 18:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:35 – 20:04शुभ
अमृत20:04 – 21:32शुभ
चर21:32 – 23:00सामान्य
रोग23:00 – 00:28टालें
काल00:28 – 01:56टालें
लाभ01:56 – 03:24शुभ
उद्वेग03:24 – 04:53टालें
शुभ04:53 – 06:21शुभ

14 सितंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 03:06, 15 सित॰ तक
कृष्ण नवमी 01:31, 16 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:41 तक
मृगशिरा 07:31, 15 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 07:35 तक
सिद्धि 04:55, 15 सित॰ तक
व्यतीपातअशुभ 02:34, 16 सित॰ तक
करण
बालव 16:02 तक
कौलव 03:06, 15 सित॰ तक
तैतिल 14:16, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 20:03 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:50
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
17:03 – 18:35
यमगंड
12:28 – 14:00
गुलिक काल
15:32 – 17:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2107:22दिन
शुक्र07:2208:23दिन
बुध08:2309:24दिन
चंद्र09:2410:26दिन
शनि10:2611:27दिन
गुरु11:2712:28दिन
मंगल12:2813:29दिन
सूर्य13:2914:30दिन
शुक्र14:3015:32दिन
बुध15:3216:33दिन
चंद्र16:3317:34दिन
शनि17:3418:35दिन
गुरु18:3519:34रात
मंगल19:3420:33रात
सूर्य20:3321:32रात
शुक्र21:3222:30रात
बुध22:3023:29रात
चंद्र23:2900:28रात
शनि00:2801:27रात
गुरु01:2702:26रात
मंगल02:2603:24रात
सूर्य03:2404:23रात
शुक्र04:2305:22रात
बुध05:2206:21रात

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।