11 नवंबर 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

मंगलवार, 11 नवंबर 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 नवंबर 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (23:09 तक), नक्षत्र पुष्य (18:18 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 15:07 से 16:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:58
रात 06:35 तक
तिथि
सप्तमी, 23:09 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 18:18 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:35 – 08:00टालें
उद्वेग08:00 – 09:26टालें
चर09:26 – 10:51सामान्य
लाभ10:51 – 12:17शुभ
अमृत12:17 – 13:42शुभ
काल13:42 – 15:07टालें
शुभ15:07 – 16:33शुभ
रोग16:33 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:58 – 19:33टालें
लाभ19:33 – 21:08शुभ
उद्वेग21:08 – 22:42टालें
शुभ22:42 – 00:17शुभ
अमृत00:17 – 01:51शुभ
चर01:51 – 03:26सामान्य
रोग03:26 – 05:00टालें
काल05:00 – 06:35टालें

11 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 23:09 तक
कृष्ण अष्टमी 22:58, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:18 तक
आश्लेषा 18:35, 12 नव॰ तक
योग
शुभ 09:44 तक
शुक्ल 08:02, 12 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:32 तक
बव 23:09 तक
बालव 10:58, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
23:54
चंद्रास्त
12:20
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:07 – 16:33
यमगंड
09:26 – 10:51
गुलिक काल
12:17 – 13:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3507:32दिन
सूर्य07:3208:29दिन
शुक्र08:2909:26दिन
बुध09:2610:23दिन
चंद्र10:2311:20दिन
शनि11:2012:17दिन
गुरु12:1713:14दिन
मंगल13:1414:10दिन
सूर्य14:1015:07दिन
शुक्र15:0716:04दिन
बुध16:0417:01दिन
चंद्र17:0117:58दिन
शनि17:5819:02रात
गुरु19:0220:05रात
मंगल20:0521:08रात
सूर्य21:0822:11रात
शुक्र22:1123:14रात
बुध23:1400:17रात
चंद्र00:1701:20रात
शनि01:2002:23रात
गुरु02:2303:26रात
मंगल03:2604:29रात
सूर्य04:2905:32रात
शुक्र05:3206:35रात

अयनांश 24.2183° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।