16 नवंबर 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

रविवार, 16 नवंबर 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 नवंबर 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (04:48, 17 नव॰ तक), नक्षत्र हस्त (02:11, 17 नव॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 16:32 से 17:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:58
रात 06:37 तक
तिथि
द्वादशी, 04:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त, 02:11 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:37 – 08:02टालें
चर08:02 – 09:27सामान्य
लाभ09:27 – 10:52शुभ
अमृत10:52 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:42टालें
शुभ13:42 – 15:07शुभ
रोग15:07 – 16:32टालें
उद्वेग16:32 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:58 – 19:33शुभ
अमृत19:33 – 21:08शुभ
चर21:08 – 22:43सामान्य
रोग22:43 – 00:18टालें
काल00:18 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:28शुभ
उद्वेग03:28 – 05:03टालें
शुभ05:03 – 06:37शुभ

16 नवंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 04:48, 17 नव॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 07:12, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 02:11, 17 नव॰ तक
चित्रा 05:01, 18 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 06:46 तक
प्रीति 07:22, 17 नव॰ तक
करण
कौलव 15:40 तक
तैतिल 04:48, 17 नव॰ तक
गर 17:59, 17 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
03:16
चंद्रास्त
15:22
दिनमान
11h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
16:32 – 17:58
यमगंड
12:17 – 13:42
गुलिक काल
15:07 – 16:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3707:34दिन
शुक्र07:3408:30दिन
बुध08:3009:27दिन
चंद्र09:2710:24दिन
शनि10:2411:21दिन
गुरु11:2112:17दिन
मंगल12:1713:14दिन
सूर्य13:1414:11दिन
शुक्र14:1115:07दिन
बुध15:0716:04दिन
चंद्र16:0417:01दिन
शनि17:0117:58दिन
गुरु17:5819:01रात
मंगल19:0120:04रात
सूर्य20:0421:08रात
शुक्र21:0822:11रात
बुध22:1123:14रात
चंद्र23:1400:18रात
शनि00:1801:21रात
गुरु01:2102:24रात
मंगल02:2403:28रात
सूर्य03:2804:31रात
शुक्र04:3105:34रात
बुध05:3406:37रात

अयनांश 24.2185° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।