1 फ़रवरी 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

रविवार, 1 फ़रवरी 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 फ़रवरी 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (03:39, 2 फ़र॰ तक), नक्षत्र पुष्य (23:58 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 17:03 से 18:29 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:29
रात 07:03 तक
तिथि
पूर्णिमा, 03:39 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुष्य, 23:58 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:04 – 08:29टालें
चर08:29 – 09:55सामान्य
लाभ09:55 – 11:21शुभ
अमृत11:21 – 12:46शुभ
काल12:46 – 14:12टालें
शुभ14:12 – 15:37शुभ
रोग15:37 – 17:03टालें
उद्वेग17:03 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:29 – 20:03शुभ
अमृत20:03 – 21:37शुभ
चर21:37 – 23:12सामान्य
रोग23:12 – 00:46टालें
काल00:46 – 02:20टालें
लाभ02:20 – 03:55शुभ
उद्वेग03:55 – 05:29टालें
शुभ05:29 – 07:03शुभ

1 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 03:39, 2 फ़र॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 01:52, 3 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:58 तक
आश्लेषा 22:47, 2 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 10:18 तक
आयुष्मान 07:20, 2 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:43 तक
बव 03:39, 2 फ़र॰ तक
बालव 14:42, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
18:02
चंद्रास्त
06:30
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:09

अशुभ समय

राहुकाल
17:03 – 18:29
यमगंड
12:46 – 14:12
गुलिक काल
15:37 – 17:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0408:01दिन
शुक्र08:0108:58दिन
बुध08:5809:55दिन
चंद्र09:5510:52दिन
शनि10:5211:49दिन
गुरु11:4912:46दिन
मंगल12:4613:43दिन
सूर्य13:4314:40दिन
शुक्र14:4015:37दिन
बुध15:3716:35दिन
चंद्र16:3517:32दिन
शनि17:3218:29दिन
गुरु18:2919:32रात
मंगल19:3220:35रात
सूर्य20:3521:37रात
शुक्र21:3722:40रात
बुध22:4023:43रात
चंद्र23:4300:46रात
शनि00:4601:49रात
गुरु01:4902:52रात
मंगल02:5203:55रात
सूर्य03:5504:58रात
शुक्र04:5806:00रात
बुध06:0007:03रात

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।