9 सितंबर 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 9 सितंबर 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 9 सितंबर 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (12:31 तक), नक्षत्र आश्लेषा (15:14 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 12:30 से 14:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:40
रात 06:20 तक
तिथि
त्रयोदशी, 12:31 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 15:14 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:20 – 07:53शुभ
अमृत07:53 – 09:25शुभ
काल09:25 – 10:57टालें
शुभ10:57 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 14:02टालें
उद्वेग14:02 – 15:35टालें
चर15:35 – 17:07सामान्य
लाभ17:07 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:40 – 20:07टालें
शुभ20:07 – 21:35शुभ
अमृत21:35 – 23:02शुभ
चर23:02 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 01:57टालें
काल01:57 – 03:25टालें
लाभ03:25 – 04:53शुभ
उद्वेग04:53 – 06:20टालें

9 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 12:31 तक
कृष्ण चतुर्दशी 10:33, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 14:04, 10 सित॰ तक
योग
शिव 21:52 तक
सिद्ध 19:17, 10 सित॰ तक
करण
वणिज 12:31 तक
विष्टि (भद्रा) 23:30 तक
शकुनि 10:33, 10 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 15:14 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
04:23
चंद्रास्त
17:26
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 14:02
यमगंड
07:53 – 09:25
गुलिक काल
10:57 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2007:22दिन
चंद्र07:2208:23दिन
शनि08:2309:25दिन
गुरु09:2510:27दिन
मंगल10:2711:28दिन
सूर्य11:2812:30दिन
शुक्र12:3013:31दिन
बुध13:3114:33दिन
चंद्र14:3315:35दिन
शनि15:3516:36दिन
गुरु16:3617:38दिन
मंगल17:3818:40दिन
सूर्य18:4019:38रात
शुक्र19:3820:36रात
बुध20:3621:35रात
चंद्र21:3522:33रात
शनि22:3323:32रात
गुरु23:3200:30रात
मंगल00:3001:28रात
सूर्य01:2802:27रात
शुक्र02:2703:25रात
बुध03:2504:23रात
चंद्र04:2305:22रात
शनि05:2206:20रात

अयनांश 24.2299° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।