15 मार्च 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

सोमवार, 15 मार्च 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 मार्च 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:51 तक), नक्षत्र रोहिणी (09:26 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 08:11 से 09:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:42
रात 06:40 तक
तिथि
सप्तमी, 10:51 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मृगशिरा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:41 – 08:11शुभ
काल08:11 – 09:41टालें
शुभ09:41 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:42टालें
उद्वेग12:42 – 14:12टालें
चर14:12 – 15:42सामान्य
लाभ15:42 – 17:12शुभ
अमृत17:12 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:42 – 20:12सामान्य
रोग20:12 – 21:42टालें
काल21:42 – 23:12टालें
लाभ23:12 – 00:41शुभ
उद्वेग00:41 – 02:11टालें
शुभ02:11 – 03:41शुभ
अमृत03:41 – 05:10शुभ
चर05:10 – 06:40सामान्य

15 मार्च 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:51 तक
शुक्ल अष्टमी 08:54, 16 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 09:26 तक
मृगशिरा 08:13, 16 मार्च तक
योग
प्रीति 14:37 तक
आयुष्मान 11:50, 16 मार्च तक
करण
वणिज 10:51 तक
विष्टि (भद्रा) 21:55 तक
बव 08:54, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 20:51 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
11:37
चंद्रास्त
00:19
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:11 – 09:41
यमगंड
11:12 – 12:42
गुलिक काल
14:12 – 15:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4107:41दिन
शनि07:4108:41दिन
गुरु08:4109:41दिन
मंगल09:4110:41दिन
सूर्य10:4111:42दिन
शुक्र11:4212:42दिन
बुध12:4213:42दिन
चंद्र13:4214:42दिन
शनि14:4215:42दिन
गुरु15:4216:42दिन
मंगल16:4217:42दिन
सूर्य17:4218:42दिन
शुक्र18:4219:42रात
बुध19:4220:42रात
चंद्र20:4221:42रात
शनि21:4222:42रात
गुरु22:4223:42रात
मंगल23:4200:41रात
सूर्य00:4101:41रात
शुक्र01:4102:41रात
बुध02:4103:41रात
चंद्र03:4104:41रात
शनि04:4105:40रात
गुरु05:4006:40रात

अयनांश 24.2370° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।