26 मार्च 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 मार्च 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 मार्च 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (12:43 तक), नक्षत्र विशाखा (20:36 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 11:07 से 12:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:44
रात 06:32 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 20:36 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:33 – 08:04सामान्य
लाभ08:04 – 09:35शुभ
अमृत09:35 – 11:07शुभ
काल11:07 – 12:38टालें
शुभ12:38 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:41टालें
उद्वेग15:41 – 17:13टालें
चर17:13 – 18:44सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:44 – 20:13टालें
काल20:13 – 21:41टालें
लाभ21:41 – 23:10शुभ
उद्वेग23:10 – 00:38टालें
शुभ00:38 – 02:07शुभ
अमृत02:07 – 03:35शुभ
चर03:35 – 05:03सामान्य
रोग05:03 – 06:32टालें

26 मार्च 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:43 तक
कृष्ण पंचमी 13:33, 27 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 20:36 तक
अनुराधा 22:15, 27 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 05:45, 27 मार्च तक
सिद्धि 05:42, 28 मार्च तक
करण
बालव 12:43 तक
कौलव 01:03, 27 मार्च तक
तैतिल 13:33, 27 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 14:18 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
22:30
चंद्रास्त
08:59
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
11:07 – 12:38
यमगंड
15:41 – 17:13
गुलिक काल
08:04 – 09:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3307:33दिन
बुध07:3308:34दिन
चंद्र08:3409:35दिन
शनि09:3510:36दिन
गुरु10:3611:37दिन
मंगल11:3712:38दिन
सूर्य12:3813:39दिन
शुक्र13:3914:40दिन
बुध14:4015:41दिन
चंद्र15:4116:42दिन
शनि16:4217:43दिन
गुरु17:4318:44दिन
मंगल18:4419:43रात
सूर्य19:4320:42रात
शुक्र20:4221:41रात
बुध21:4122:40रात
चंद्र22:4023:39रात
शनि23:3900:38रात
गुरु00:3801:37रात
मंगल01:3702:36रात
सूर्य02:3603:35रात
शुक्र03:3504:34रात
बुध04:3405:33रात
चंद्र05:3306:32रात

अयनांश 24.2374° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।