1 अक्टूबर 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (03:33, 2 अक्टू॰ तक), नक्षत्र चित्रा (00:49, 2 अक्टू॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:22
रात 06:23 तक
तिथि
द्वितीया, 03:33 तक
तृतीया
नक्षत्र
चित्रा, 00:49 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:23 – 07:53सामान्य
लाभ07:53 – 09:22शुभ
अमृत09:22 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:22टालें
शुभ12:22 – 13:52शुभ
रोग13:52 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 16:52टालें
चर16:52 – 18:22सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:22 – 19:52टालें
काल19:52 – 21:22टालें
लाभ21:22 – 22:52शुभ
उद्वेग22:52 – 00:22टालें
शुभ00:22 – 01:52शुभ
अमृत01:52 – 03:23शुभ
चर03:23 – 04:53सामान्य
रोग04:53 – 06:23टालें

1 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 03:33, 2 अक्टू॰ तक
शुक्ल तृतीया 02:09, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 00:49, 2 अक्टू॰ तक
स्वाति 00:03, 3 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 18:11 तक
वैधृतिअशुभ 15:41, 2 अक्टू॰ तक
करण
बालव 16:30 तक
कौलव 03:33, 2 अक्टू॰ तक
तैतिल 14:46, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 13:26 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
07:19
चंद्रास्त
19:08
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:22
यमगंड
15:22 – 16:52
गुलिक काल
07:53 – 09:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2307:23दिन
बुध07:2308:22दिन
चंद्र08:2209:22दिन
शनि09:2210:22दिन
गुरु10:2211:22दिन
मंगल11:2212:22दिन
सूर्य12:2213:22दिन
शुक्र13:2214:22दिन
बुध14:2215:22दिन
चंद्र15:2216:22दिन
शनि16:2217:22दिन
गुरु17:2218:22दिन
मंगल18:2219:22रात
सूर्य19:2220:22रात
शुक्र20:2221:22रात
बुध21:2222:22रात
चंद्र22:2223:22रात
शनि23:2200:22रात
गुरु00:2201:22रात
मंगल01:2202:22रात
सूर्य02:2203:23रात
शुक्र03:2304:23रात
बुध04:2305:23रात
चंद्र05:2306:23रात

अयनांश 24.2447° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।