28 अक्टूबर 2027 को कोल्हापुर का चौघड़िया

गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (20:48 तक), नक्षत्र हस्त (11:36 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 13:43 से 15:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:04
रात 06:29 तक
तिथि
चतुर्दशी, 20:48 तक
अमावस्या
नक्षत्र
हस्त, 11:36 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:29 – 07:56शुभ
रोग07:56 – 09:22टालें
उद्वेग09:22 – 10:49टालें
चर10:49 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:43शुभ
अमृत13:43 – 15:10शुभ
काल15:10 – 16:37टालें
शुभ16:37 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:04 – 19:37शुभ
चर19:37 – 21:10सामान्य
रोग21:10 – 22:43टालें
काल22:43 – 00:16टालें
लाभ00:16 – 01:50शुभ
उद्वेग01:50 – 03:23टालें
शुभ03:23 – 04:56शुभ
अमृत04:56 – 06:29शुभ

28 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 20:48 तक
अमावस्या 19:06, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 11:36 तक
चित्रा 10:27, 29 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 03:01, 29 अक्टू॰ तक
प्रीति 00:34, 30 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:47 तक
शकुनि 20:48 तक
चतुष्पद 07:54, 29 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 22:59 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
05:04
चंद्रास्त
17:00
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
13:43 – 15:10
यमगंड
06:29 – 07:56
गुलिक काल
09:22 – 10:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2907:27दिन
मंगल07:2708:25दिन
सूर्य08:2509:22दिन
शुक्र09:2210:20दिन
बुध10:2011:18दिन
चंद्र11:1812:16दिन
शनि12:1613:14दिन
गुरु13:1414:12दिन
मंगल14:1215:10दिन
सूर्य15:1016:08दिन
शुक्र16:0817:06दिन
बुध17:0618:04दिन
चंद्र18:0419:06रात
शनि19:0620:08रात
गुरु20:0821:10रात
मंगल21:1022:12रात
सूर्य22:1223:14रात
शुक्र23:1400:16रात
बुध00:1601:19रात
चंद्र01:1902:21रात
शनि02:2103:23रात
गुरु03:2304:25रात
मंगल04:2505:27रात
सूर्य05:2706:29रात

अयनांश 24.2457° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।