22 सितंबर 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 सितंबर 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 सितंबर 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (10:15 तक), नक्षत्र विशाखा (03:00, 23 सित॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 10:54 से 12:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 18:29
रात 06:22 तक
तिथि
चतुर्थी, 10:15 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 03:00 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:22 – 07:52सामान्य
लाभ07:52 – 09:23शुभ
अमृत09:23 – 10:54शुभ
काल10:54 – 12:25टालें
शुभ12:25 – 13:56शुभ
रोग13:56 – 15:27टालें
उद्वेग15:27 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:29सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:29 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 22:56शुभ
उद्वेग22:56 – 00:25टालें
शुभ00:25 – 01:54शुभ
अमृत01:54 – 03:23शुभ
चर03:23 – 04:53सामान्य
रोग04:53 – 06:22टालें

22 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 10:15 तक
शुक्ल पंचमी 08:12, 23 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 03:00, 23 सित॰ तक
अनुराधा 02:18, 24 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 11:58 तक
विष्कंभअशुभ 09:14, 23 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:15 तक
बव 21:08 तक
बालव 08:12, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 21:18 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
09:48
चंद्रास्त
21:18
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
10:54 – 12:25
यमगंड
15:27 – 16:58
गुलिक काल
07:52 – 09:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2207:22दिन
बुध07:2208:23दिन
चंद्र08:2309:23दिन
शनि09:2310:24दिन
गुरु10:2411:24दिन
मंगल11:2412:25दिन
सूर्य12:2513:26दिन
शुक्र13:2614:26दिन
बुध14:2615:27दिन
चंद्र15:2716:27दिन
शनि16:2717:28दिन
गुरु17:2818:29दिन
मंगल18:2919:28रात
सूर्य19:2820:27रात
शुक्र20:2721:27रात
बुध21:2722:26रात
चंद्र22:2623:26रात
शनि23:2600:25रात
गुरु00:2501:25रात
मंगल01:2502:24रात
सूर्य02:2403:23रात
शुक्र03:2304:23रात
बुध04:2305:22रात
चंद्र05:2206:22रात

अयनांश 24.2583° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।