13 नवंबर 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

सोमवार, 13 नवंबर 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 नवंबर 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (06:42 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:28 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 08:01 से 09:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:58
रात 06:36 तक
तिथि
द्वादशी, 03:41 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त, 06:10 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 08:01शुभ
काल08:01 – 09:26टालें
शुभ09:26 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:33शुभ
अमृत16:33 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:58 – 19:33सामान्य
रोग19:33 – 21:08टालें
काल21:08 – 22:42टालें
लाभ22:42 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:27शुभ
अमृत03:27 – 05:01शुभ
चर05:01 – 06:36सामान्य

13 नवंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 06:42 तक
कृष्ण द्वादशी 03:41, 14 नव॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 00:35, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:10, 14 नव॰ तक
चित्रा 03:49, 15 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 18:08 तक
प्रीति 14:25, 14 नव॰ तक
करण
बालव 06:42 तक
कौलव 17:13 तक
तैतिल 03:41, 14 नव॰ तक
गर 14:08, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
03:05
चंद्रास्त
15:13
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
08:01 – 09:26
यमगंड
10:52 – 12:17
गुलिक काल
13:42 – 15:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:32दिन
शनि07:3208:29दिन
गुरु08:2909:26दिन
मंगल09:2610:23दिन
सूर्य10:2311:20दिन
शुक्र11:2012:17दिन
बुध12:1713:14दिन
चंद्र13:1414:11दिन
शनि14:1115:07दिन
गुरु15:0716:04दिन
मंगल16:0417:01दिन
सूर्य17:0117:58दिन
शुक्र17:5819:01रात
बुध19:0120:04रात
चंद्र20:0421:08रात
शनि21:0822:11रात
गुरु22:1123:14रात
मंगल23:1400:17रात
सूर्य00:1701:20रात
शुक्र01:2002:23रात
बुध02:2303:27रात
चंद्र03:2704:30रात
शनि04:3005:33रात
गुरु05:3306:36रात

अयनांश 24.2603° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।