22 फ़रवरी 2029 को कोल्हापुर का चौघड़िया

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2029, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2029 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (09:19 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:13, 23 फ़र॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 14:14 से 15:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 18:37
रात 06:54 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 00:13 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:55 – 08:23शुभ
रोग08:23 – 09:50टालें
उद्वेग09:50 – 11:18टालें
चर11:18 – 12:46सामान्य
लाभ12:46 – 14:14शुभ
अमृत14:14 – 15:42शुभ
काल15:42 – 17:10टालें
शुभ17:10 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:37 – 20:10शुभ
चर20:10 – 21:42सामान्य
रोग21:42 – 23:14टालें
काल23:14 – 00:46टालें
लाभ00:46 – 02:18शुभ
उद्वेग02:18 – 03:50टालें
शुभ03:50 – 05:22शुभ
अमृत05:22 – 06:54शुभ

22 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 09:19 तक
शुक्ल नवमी 10:06, 23 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:13, 23 फ़र॰ तक
मृगशिरा 01:06, 24 फ़र॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:04 तक
विष्कंभअशुभ 17:19, 23 फ़र॰ तक
करण
बव 09:19 तक
बालव 21:49 तक
कौलव 10:06, 23 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
12:29
चंद्रास्त
01:07
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
14:14 – 15:42
यमगंड
06:55 – 08:23
गुलिक काल
09:50 – 11:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5507:53दिन
मंगल07:5308:52दिन
सूर्य08:5209:50दिन
शुक्र09:5010:49दिन
बुध10:4911:48दिन
चंद्र11:4812:46दिन
शनि12:4613:45दिन
गुरु13:4514:43दिन
मंगल14:4315:42दिन
सूर्य15:4216:40दिन
शुक्र16:4017:39दिन
बुध17:3918:37दिन
चंद्र18:3719:39रात
शनि19:3920:40रात
गुरु20:4021:42रात
मंगल21:4222:43रात
सूर्य22:4323:44रात
शुक्र23:4400:46रात
बुध00:4601:47रात
चंद्र01:4702:49रात
शनि02:4903:50रात
गुरु03:5004:51रात
मंगल04:5105:53रात
सूर्य05:5306:54रात

अयनांश 24.2642° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।