3 मार्च 2029 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शनिवार, 3 मार्च 2029, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 मार्च 2029 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (11:44 तक), नक्षत्र हस्त (09:35 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 09:47 से 11:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:40
रात 06:48 तक
तिथि
तृतीया, 11:44 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
हस्त, 09:35 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:49 – 08:18टालें
शुभ08:18 – 09:47शुभ
रोग09:47 – 11:16टालें
उद्वेग11:16 – 12:45टालें
चर12:45 – 14:13सामान्य
लाभ14:13 – 15:42शुभ
अमृत15:42 – 17:11शुभ
काल17:11 – 18:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:40 – 20:11शुभ
उद्वेग20:11 – 21:42टालें
शुभ21:42 – 23:13शुभ
अमृत23:13 – 00:44शुभ
चर00:44 – 02:15सामान्य
रोग02:15 – 03:46टालें
काल03:46 – 05:17टालें
लाभ05:17 – 06:48शुभ

3 मार्च 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 11:44 तक
कृष्ण चतुर्थी 08:28, 4 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:35 तक
चित्रा 07:02, 4 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 11:41 तक
वृद्धि 07:49, 4 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:44 तक
बव 22:03 तक
बालव 08:28, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 20:16 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
21:29
चंद्रास्त
08:28
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
09:47 – 11:16
यमगंड
14:13 – 15:42
गुलिक काल
06:49 – 08:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4907:48दिन
गुरु07:4808:48दिन
मंगल08:4809:47दिन
सूर्य09:4710:46दिन
शुक्र10:4611:45दिन
बुध11:4512:45दिन
चंद्र12:4513:44दिन
शनि13:4414:43दिन
गुरु14:4315:42दिन
मंगल15:4216:41दिन
सूर्य16:4117:41दिन
शुक्र17:4118:40दिन
बुध18:4019:41रात
चंद्र19:4120:41रात
शनि20:4121:42रात
गुरु21:4222:43रात
मंगल22:4323:44रात
सूर्य23:4400:44रात
शुक्र00:4401:45रात
बुध01:4502:46रात
चंद्र02:4603:46रात
शनि03:4604:47रात
गुरु04:4705:48रात
मंगल05:4806:48रात

अयनांश 24.2645° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।