18 अप्रैल 2029 को कोल्हापुर का चौघड़िया

बुधवार, 18 अप्रैल 2029, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 अप्रैल 2029 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (11:31 तक), नक्षत्र रोहिणी (13:41 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 12:32 से 14:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:49
रात 06:15 तक
तिथि
चतुर्थी, 11:31 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 13:41 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:15 – 07:49शुभ
अमृत07:49 – 09:24शुभ
काल09:24 – 10:58टालें
शुभ10:58 – 12:32शुभ
रोग12:32 – 14:06टालें
उद्वेग14:06 – 15:40टालें
चर15:40 – 17:15सामान्य
लाभ17:15 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:49 – 20:15टालें
शुभ20:15 – 21:40शुभ
अमृत21:40 – 23:06शुभ
चर23:06 – 00:32सामान्य
रोग00:32 – 01:57टालें
काल01:57 – 03:23टालें
लाभ03:23 – 04:49शुभ
उद्वेग04:49 – 06:15टालें

18 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 11:31 तक
शुक्ल पंचमी 12:47, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:41 तक
मृगशिरा 15:30, 19 अप्रैल तक
योग
शोभन 05:55, 19 अप्रैल तक
अतिगंडअशुभ 05:35, 20 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:31 तक
बव 00:13, 19 अप्रैल तक
बालव 12:47, 19 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 02:39, 19 अप्रैल तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
09:11
चंद्रास्त
22:41
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:57 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:32 – 14:06
यमगंड
07:49 – 09:24
गुलिक काल
10:58 – 12:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1507:18दिन
चंद्र07:1808:21दिन
शनि08:2109:24दिन
गुरु09:2410:26दिन
मंगल10:2611:29दिन
सूर्य11:2912:32दिन
शुक्र12:3213:35दिन
बुध13:3514:38दिन
चंद्र14:3815:40दिन
शनि15:4016:43दिन
गुरु16:4317:46दिन
मंगल17:4618:49दिन
सूर्य18:4919:46रात
शुक्र19:4620:43रात
बुध20:4321:40रात
चंद्र21:4022:37रात
शनि22:3723:35रात
गुरु23:3500:32रात
मंगल00:3201:29रात
सूर्य01:2902:26रात
शुक्र02:2603:23रात
बुध03:2304:20रात
चंद्र04:2005:17रात
शनि05:1706:15रात

अयनांश 24.2663° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।