11 सितंबर 2029 को कोल्हापुर का चौघड़िया

मंगलवार, 11 सितंबर 2029, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 सितंबर 2029 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (02:57, 12 सित॰ तक), नक्षत्र चित्रा (16:25 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 15:33 से 17:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:38
रात 06:20 तक
तिथि
चतुर्थी, 02:57 तक
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा, 16:25 तक
स्वाति
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:20 – 07:53टालें
उद्वेग07:53 – 09:25टालें
चर09:25 – 10:57सामान्य
लाभ10:57 – 12:29शुभ
अमृत12:29 – 14:01शुभ
काल14:01 – 15:33टालें
शुभ15:33 – 17:06शुभ
रोग17:06 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:38 – 20:06टालें
लाभ20:06 – 21:33शुभ
उद्वेग21:33 – 23:01टालें
शुभ23:01 – 00:29शुभ
अमृत00:29 – 01:57शुभ
चर01:57 – 03:25सामान्य
रोग03:25 – 04:53टालें
काल04:53 – 06:20टालें

11 सितंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 02:57, 12 सित॰ तक
शुक्ल पंचमी 00:05, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 16:25 तक
स्वाति 14:10, 12 सित॰ तक
योग
ब्रह्म 19:23 तक
इंद्र 15:49, 12 सित॰ तक
करण
वणिज 16:31 तक
विष्टि (भद्रा) 02:57, 12 सित॰ तक
बव 13:28, 12 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
09:00
चंद्रास्त
20:47
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
15:33 – 17:06
यमगंड
09:25 – 10:57
गुलिक काल
12:29 – 14:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2007:22दिन
सूर्य07:2208:23दिन
शुक्र08:2309:25दिन
बुध09:2510:26दिन
चंद्र10:2611:28दिन
शनि11:2812:29दिन
गुरु12:2913:30दिन
मंगल13:3014:32दिन
सूर्य14:3215:33दिन
शुक्र15:3316:35दिन
बुध16:3517:36दिन
चंद्र17:3618:38दिन
शनि18:3819:36रात
गुरु19:3620:35रात
मंगल20:3521:33रात
सूर्य21:3322:32रात
शुक्र22:3223:31रात
बुध23:3100:29रात
चंद्र00:2901:28रात
शनि01:2802:26रात
गुरु02:2603:25रात
मंगल03:2504:23रात
सूर्य04:2305:22रात
शुक्र05:2206:20रात

अयनांश 24.2719° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।