30 सितंबर 2000 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 30 सितंबर 2000, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 30 सितंबर 2000 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (22:00 तक), नक्षत्र स्वाति (22:06 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:24
रात 05:27 तक
तिथि
तृतीया, 22:00 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 22:06 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:27 – 06:57टालें
शुभ06:57 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:56टालें
उद्वेग09:56 – 11:26टालें
चर11:26 – 12:55सामान्य
लाभ12:55 – 14:25शुभ
अमृत14:25 – 15:55शुभ
काल15:55 – 17:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:24 – 18:55शुभ
उद्वेग18:55 – 20:25टालें
शुभ20:25 – 21:56शुभ
अमृत21:56 – 23:26शुभ
चर23:26 – 00:56सामान्य
रोग00:56 – 02:27टालें
काल02:27 – 03:57टालें
लाभ03:57 – 05:27शुभ

30 सितंबर 2000 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 22:00 तक
शुक्ल चतुर्थी 22:15, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 22:06 तक
विशाखा 23:00, 1 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 15:22 तक
विष्कंभअशुभ 14:17, 1 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 10:10 तक
गर 22:00 तक
वणिज 10:02, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
07:36
चंद्रास्त
19:24
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:56
यमगंड
12:55 – 14:25
गुलिक काल
05:27 – 06:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2706:27दिन
गुरु06:2707:27दिन
मंगल07:2708:27दिन
सूर्य08:2709:26दिन
शुक्र09:2610:26दिन
बुध10:2611:26दिन
चंद्र11:2612:26दिन
शनि12:2613:25दिन
गुरु13:2514:25दिन
मंगल14:2515:25दिन
सूर्य15:2516:25दिन
शुक्र16:2517:24दिन
बुध17:2418:25रात
चंद्र18:2519:25रात
शनि19:2520:25रात
गुरु20:2521:25रात
मंगल21:2522:26रात
सूर्य22:2623:26रात
शुक्र23:2600:26रात
बुध00:2601:26रात
चंद्र01:2602:27रात
शनि02:2703:27रात
गुरु03:2704:27रात
मंगल04:2705:27रात

अयनांश 23.8675° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।