16 सितंबर 2009 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 16 सितंबर 2009, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 16 सितंबर 2009 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (08:48 तक), नक्षत्र आश्लेषा (19:36 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 11:31 से 13:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 17:39
रात 05:23 तक
तिथि
द्वादशी, 08:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 19:36 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2009 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:23 – 06:55शुभ
अमृत06:55 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:59टालें
शुभ09:59 – 11:31शुभ
रोग11:31 – 13:03टालें
उद्वेग13:03 – 14:35टालें
चर14:35 – 16:07सामान्य
लाभ16:07 – 17:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:39 – 19:07टालें
शुभ19:07 – 20:35शुभ
अमृत20:35 – 22:03शुभ
चर22:03 – 23:31सामान्य
रोग23:31 – 00:59टालें
काल00:59 – 02:27टालें
लाभ02:27 – 03:55शुभ
उद्वेग03:55 – 05:23टालें

16 सितंबर 2009 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 08:48 तक
कृष्ण त्रयोदशी 05:51, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 17:26, 17 सित॰ तक
योग
शिव 14:43 तक
सिद्ध 11:11, 17 सित॰ तक
करण
तैतिल 08:48 तक
गर 19:19 तक
वणिज 05:51, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 19:36 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
02:33
चंद्रास्त
15:48
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2066
शक संवत
1931, विरोधी संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:31 – 13:03
यमगंड
06:55 – 08:27
गुलिक काल
09:59 – 11:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2306:24दिन
चंद्र06:2407:26दिन
शनि07:2608:27दिन
गुरु08:2709:28दिन
मंगल09:2810:29दिन
सूर्य10:2911:31दिन
शुक्र11:3112:32दिन
बुध12:3213:33दिन
चंद्र13:3314:35दिन
शनि14:3515:36दिन
गुरु15:3616:37दिन
मंगल16:3717:39दिन
सूर्य17:3918:37रात
शुक्र18:3719:36रात
बुध19:3620:35रात
चंद्र20:3521:33रात
शनि21:3322:32रात
गुरु22:3223:31रात
मंगल23:3100:30रात
सूर्य00:3001:28रात
शुक्र01:2802:27रात
बुध02:2703:26रात
चंद्र03:2604:25रात
शनि04:2505:23रात

अयनांश 23.9927° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।