22 सितंबर 2009 को कोलकाता का चौघड़िया

मंगलवार, 22 सितंबर 2009, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 22 सितंबर 2009 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (18:09 तक), नक्षत्र स्वाति (11:28 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 14:31 से 16:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 17:33
रात 05:25 तक
तिथि
चतुर्थी, 18:09 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति, 11:28 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2009 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:25 – 06:56टालें
उद्वेग06:56 – 08:27टालें
चर08:27 – 09:58सामान्य
लाभ09:58 – 11:29शुभ
अमृत11:29 – 13:00शुभ
काल13:00 – 14:31टालें
शुभ14:31 – 16:02शुभ
रोग16:02 – 17:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:33 – 19:02टालें
लाभ19:02 – 20:31शुभ
उद्वेग20:31 – 22:00टालें
शुभ22:00 – 23:29शुभ
अमृत23:29 – 00:58शुभ
चर00:58 – 02:27सामान्य
रोग02:27 – 03:56टालें
काल03:56 – 05:25टालें

22 सितंबर 2009 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 18:09 तक
शुक्ल पंचमी 18:25, 23 सित॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 11:28 तक
विशाखा 12:10, 23 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 19:21 तक
विष्कंभअशुभ 18:30, 23 सित॰ तक
करण
वणिज 06:19 तक
विष्टि (भद्रा) 18:09 तक
बव 06:11, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
08:41
चंद्रास्त
19:49
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2066
शक संवत
1931, विरोधी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
14:31 – 16:02
यमगंड
08:27 – 09:58
गुलिक काल
11:29 – 13:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2506:25दिन
सूर्य06:2507:26दिन
शुक्र07:2608:27दिन
बुध08:2709:27दिन
चंद्र09:2710:28दिन
शनि10:2811:29दिन
गुरु11:2912:29दिन
मंगल12:2913:30दिन
सूर्य13:3014:31दिन
शुक्र14:3115:31दिन
बुध15:3116:32दिन
चंद्र16:3217:33दिन
शनि17:3318:32रात
गुरु18:3219:31रात
मंगल19:3120:31रात
सूर्य20:3121:30रात
शुक्र21:3022:29रात
बुध22:2923:29रात
चंद्र23:2900:28रात
शनि00:2801:28रात
गुरु01:2802:27रात
मंगल02:2703:26रात
सूर्य03:2604:26रात
शुक्र04:2605:25रात

अयनांश 23.9929° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।