30 सितंबर 2013 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 30 सितंबर 2013, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 सितंबर 2013 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (04:55, 1 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पुष्य (10:46 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 06:57 से 08:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:25
रात 05:27 तक
तिथि
एकादशी, 04:55 तक
नक्षत्र
पुष्य, 10:46 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2013 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:27 – 06:57शुभ
काल06:57 – 08:27टालें
शुभ08:27 – 09:56शुभ
रोग09:56 – 11:26टालें
उद्वेग11:26 – 12:56टालें
चर12:56 – 14:25सामान्य
लाभ14:25 – 15:55शुभ
अमृत15:55 – 17:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:25 – 18:55सामान्य
रोग18:55 – 20:25टालें
काल20:25 – 21:56टालें
लाभ21:56 – 23:26शुभ
उद्वेग23:26 – 00:56टालें
शुभ00:56 – 02:27शुभ
अमृत02:27 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:27सामान्य

30 सितंबर 2013 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 04:55, 1 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वादशी 06:04, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 10:46 तक
आश्लेषा 12:53, 1 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 05:16, 1 अक्टू॰ तक
साध्य 05:07, 2 अक्टू॰ तक
करण
बव 16:08 तक
बालव 04:55, 1 अक्टू॰ तक
कौलव 17:34, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
01:06
चंद्रास्त
14:13
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2070
शक संवत
1935, विजय संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
06:57 – 08:27
यमगंड
09:56 – 11:26
गुलिक काल
12:56 – 14:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2706:27दिन
शनि06:2707:27दिन
गुरु07:2708:27दिन
मंगल08:2709:26दिन
सूर्य09:2610:26दिन
शुक्र10:2611:26दिन
बुध11:2612:26दिन
चंद्र12:2613:25दिन
शनि13:2514:25दिन
गुरु14:2515:25दिन
मंगल15:2516:25दिन
सूर्य16:2517:25दिन
शुक्र17:2518:25रात
बुध18:2519:25रात
चंद्र19:2520:25रात
शनि20:2521:26रात
गुरु21:2622:26रात
मंगल22:2623:26रात
सूर्य23:2600:26रात
शुक्र00:2601:27रात
बुध01:2702:27रात
चंद्र02:2703:27रात
शनि03:2704:27रात
गुरु04:2705:27रात

अयनांश 24.0491° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।