20 मई 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

मंगलवार, 20 मई 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 20 मई 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (05:52 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (19:32 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 04:54 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 14:52 से 16:32 तक है।

दिन और रात
दिन 04:54 – 18:11
रात 04:54 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 19:32 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:54 – 06:34टालें
उद्वेग06:34 – 08:13टालें
चर08:13 – 09:53सामान्य
लाभ09:53 – 11:33शुभ
अमृत11:33 – 13:12शुभ
काल13:12 – 14:52टालें
शुभ14:52 – 16:32शुभ
रोग16:32 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:11 – 19:32टालें
लाभ19:32 – 20:52शुभ
उद्वेग20:52 – 22:12टालें
शुभ22:12 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 00:53शुभ
चर00:53 – 02:13सामान्य
रोग02:13 – 03:33टालें
काल03:33 – 04:54टालें

20 मई 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 05:52 तक
कृष्ण अष्टमी 04:55, 21 मई तक
नक्षत्र
शतभिषा 18:58, 21 मई तक
योग
इंद्र 02:50, 21 मई तक
वैधृतिअशुभ 00:34, 22 मई तक
करण
बव 05:52 तक
बालव 17:28 तक
कौलव 04:55, 21 मई तक
चंद्र राशि
मकर 07:35 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:54
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:15
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:28 – 04:11
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
14:52 – 16:32
यमगंड
08:13 – 09:53
गुलिक काल
11:33 – 13:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:5406:00दिन
सूर्य06:0007:07दिन
शुक्र07:0708:13दिन
बुध08:1309:20दिन
चंद्र09:2010:26दिन
शनि10:2611:33दिन
गुरु11:3312:39दिन
मंगल12:3913:46दिन
सूर्य13:4614:52दिन
शुक्र14:5215:59दिन
बुध15:5917:05दिन
चंद्र17:0518:11दिन
शनि18:1119:05रात
गुरु19:0519:58रात
मंगल19:5820:52रात
सूर्य20:5221:45रात
शुक्र21:4522:39रात
बुध22:3923:33रात
चंद्र23:3300:26रात
शनि00:2601:20रात
गुरु01:2002:13रात
मंगल02:1303:07रात
सूर्य03:0704:00रात
शुक्र04:0004:54रात

अयनांश 24.2116° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।