25 जुलाई 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 जुलाई 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (23:23 तक), नक्षत्र पुष्य (16:00 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 10:03 से 11:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:20
रात 05:05 तक
तिथि
प्रतिपदा, 23:23 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुष्य, 16:00 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:05 – 06:44सामान्य
लाभ06:44 – 08:24शुभ
अमृत08:24 – 10:03शुभ
काल10:03 – 11:42टालें
शुभ11:42 – 13:22शुभ
रोग13:22 – 15:01टालें
उद्वेग15:01 – 16:41टालें
चर16:41 – 18:20सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:20 – 19:41टालें
काल19:41 – 21:02टालें
लाभ21:02 – 22:22शुभ
उद्वेग22:22 – 23:43टालें
शुभ23:43 – 01:03शुभ
अमृत01:03 – 02:24शुभ
चर02:24 – 03:44सामान्य
रोग03:44 – 05:05टालें

25 जुलाई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 23:23 तक
शुक्ल द्वितीया 22:42, 26 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:00 तक
आश्लेषा 15:52, 26 जुल॰ तक
योग
वज्रअशुभ 07:28 तक
सिद्धि 05:31, 26 जुल॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 11:58 तक
बव 23:23 तक
बालव 10:58, 26 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
05:17
चंद्रास्त
19:00
दिनमान
13h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:22
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
10:03 – 11:42
यमगंड
15:01 – 16:41
गुलिक काल
06:44 – 08:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0506:11दिन
बुध06:1107:17दिन
चंद्र07:1708:24दिन
शनि08:2409:30दिन
गुरु09:3010:36दिन
मंगल10:3611:42दिन
सूर्य11:4212:49दिन
शुक्र12:4913:55दिन
बुध13:5515:01दिन
चंद्र15:0116:08दिन
शनि16:0817:14दिन
गुरु17:1418:20दिन
मंगल18:2019:14रात
सूर्य19:1420:08रात
शुक्र20:0821:02रात
बुध21:0221:55रात
चंद्र21:5522:49रात
शनि22:4923:43रात
गुरु23:4300:36रात
मंगल00:3601:30रात
सूर्य01:3002:24रात
शुक्र02:2403:18रात
बुध03:1804:11रात
चंद्र04:1105:05रात

अयनांश 24.2141° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।