28 अगस्त 2025 को कोलकाता का चौघड़िया

गुरुवार, 28 अगस्त 2025, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (17:57 तक), नक्षत्र चित्रा (08:43 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 13:12 से 14:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 17:57
रात 05:18 तक
तिथि
पंचमी, 17:57 तक
षष्ठी
नक्षत्र
चित्रा, 08:43 तक
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:17 – 06:52शुभ
रोग06:52 – 08:27टालें
उद्वेग08:27 – 10:02टालें
चर10:02 – 11:37सामान्य
लाभ11:37 – 13:12शुभ
अमृत13:12 – 14:47शुभ
काल14:47 – 16:22टालें
शुभ16:22 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:57 – 19:22शुभ
चर19:22 – 20:47सामान्य
रोग20:47 – 22:12टालें
काल22:12 – 23:37टालें
लाभ23:37 – 01:02शुभ
उद्वेग01:02 – 02:28टालें
शुभ02:28 – 03:53शुभ
अमृत03:53 – 05:18शुभ

28 अगस्त 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 17:57 तक
शुक्ल षष्ठी 20:22, 29 अग॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 08:43 तक
स्वाति 11:38, 29 अग॰ तक
योग
शुक्ल 13:18 तक
ब्रह्म 14:12, 29 अग॰ तक
करण
बालव 17:57 तक
कौलव 07:09, 29 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
09:27
चंद्रास्त
20:50
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
13:12 – 14:47
यमगंड
05:17 – 06:52
गुलिक काल
08:27 – 10:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1706:21दिन
मंगल06:2107:24दिन
सूर्य07:2408:27दिन
शुक्र08:2709:31दिन
बुध09:3110:34दिन
चंद्र10:3411:37दिन
शनि11:3712:40दिन
गुरु12:4013:44दिन
मंगल13:4414:47दिन
सूर्य14:4715:50दिन
शुक्र15:5016:54दिन
बुध16:5417:57दिन
चंद्र17:5718:54रात
शनि18:5419:50रात
गुरु19:5020:47रात
मंगल20:4721:44रात
सूर्य21:4422:41रात
शुक्र22:4123:37रात
बुध23:3700:34रात
चंद्र00:3401:31रात
शनि01:3102:28रात
गुरु02:2803:24रात
मंगल03:2404:21रात
सूर्य04:2105:18रात

अयनांश 24.2154° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।