20 अप्रैल 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 20 अप्रैल 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (07:28 तक), नक्षत्र रोहिणी (02:08, 21 अप्रैल तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 06:48 से 08:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 17:58
रात 05:11 तक
तिथि
चतुर्थी, 04:15 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 02:08 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:12 – 06:48शुभ
काल06:48 – 08:24टालें
शुभ08:24 – 09:59शुभ
रोग09:59 – 11:35टालें
उद्वेग11:35 – 13:11टालें
चर13:11 – 14:47सामान्य
लाभ14:47 – 16:22शुभ
अमृत16:22 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:58 – 19:22सामान्य
रोग19:22 – 20:46टालें
काल20:46 – 22:11टालें
लाभ22:11 – 23:35शुभ
उद्वेग23:35 – 00:59टालें
शुभ00:59 – 02:23शुभ
अमृत02:23 – 03:47शुभ
चर03:47 – 05:11सामान्य

20 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 07:28 तक
शुक्ल चतुर्थी 04:15, 21 अप्रैल तक
शुक्ल पंचमी 01:20, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:08, 21 अप्रैल तक
मृगशिरा 23:58, 21 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 16:11 तक
शोभन 12:31, 21 अप्रैल तक
करण
गर 07:28 तक
वणिज 17:50 तक
विष्टि (भद्रा) 04:15, 21 अप्रैल तक
बव 14:45, 21 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
07:09
चंद्रास्त
21:21
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:42 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
06:48 – 08:24
यमगंड
09:59 – 11:35
गुलिक काल
13:11 – 14:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1206:16दिन
शनि06:1607:20दिन
गुरु07:2008:24दिन
मंगल08:2409:27दिन
सूर्य09:2710:31दिन
शुक्र10:3111:35दिन
बुध11:3512:39दिन
चंद्र12:3913:43दिन
शनि13:4314:47दिन
गुरु14:4715:51दिन
मंगल15:5116:54दिन
सूर्य16:5417:58दिन
शुक्र17:5818:54रात
बुध18:5419:50रात
चंद्र19:5020:46रात
शनि20:4621:43रात
गुरु21:4322:39रात
मंगल22:3923:35रात
सूर्य23:3500:31रात
शुक्र00:3101:27रात
बुध01:2702:23रात
चंद्र02:2303:19रात
शनि03:1904:15रात
गुरु04:1505:11रात

अयनांश 24.2244° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।