24 अप्रैल 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (19:22 तक), नक्षत्र पुष्य (20:14 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 09:58 से 11:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:00
रात 05:08 तक
तिथि
अष्टमी, 19:22 तक
नवमी
नक्षत्र
पुष्य, 20:14 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:09 – 06:45सामान्य
लाभ06:45 – 08:22शुभ
अमृत08:22 – 09:58शुभ
काल09:58 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 13:11शुभ
रोग13:11 – 14:47टालें
उद्वेग14:47 – 16:23टालें
चर16:23 – 18:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:00 – 19:23टालें
काल19:23 – 20:47टालें
लाभ20:47 – 22:10शुभ
उद्वेग22:10 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 00:58शुभ
अमृत00:58 – 02:21शुभ
चर02:21 – 03:45सामान्य
रोग03:45 – 05:08टालें

24 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 19:22 तक
शुक्ल नवमी 18:28, 25 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 20:14 तक
आश्लेषा 20:05, 25 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 01:24, 25 अप्रैल तक
गंडअशुभ 23:43, 25 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:01 तक
बव 19:22 तक
बालव 06:51, 25 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
11:26
चंद्रास्त
00:19
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:24
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
09:58 – 11:34
यमगंड
14:47 – 16:23
गुलिक काल
06:45 – 08:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0906:13दिन
बुध06:1307:17दिन
चंद्र07:1708:22दिन
शनि08:2209:26दिन
गुरु09:2610:30दिन
मंगल10:3011:34दिन
सूर्य11:3412:39दिन
शुक्र12:3913:43दिन
बुध13:4314:47दिन
चंद्र14:4715:51दिन
शनि15:5116:56दिन
गुरु16:5618:00दिन
मंगल18:0018:56रात
सूर्य18:5619:51रात
शुक्र19:5120:47रात
बुध20:4721:43रात
चंद्र21:4322:38रात
शनि22:3823:34रात
गुरु23:3400:30रात
मंगल00:3001:25रात
सूर्य01:2502:21रात
शुक्र02:2103:17रात
बुध03:1704:12रात
चंद्र04:1205:08रात

अयनांश 24.2246° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।