22 जुलाई 2026 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 22 जुलाई 2026, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 जुलाई 2026 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (05:17 तक), नक्षत्र स्वाति (23:03 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 11:42 से 13:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 18:22
रात 05:04 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
स्वाति, 23:03 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:03 – 06:43शुभ
अमृत06:43 – 08:23शुभ
काल08:23 – 10:03टालें
शुभ10:03 – 11:42शुभ
रोग11:42 – 13:22टालें
उद्वेग13:22 – 15:02टालें
चर15:02 – 16:42सामान्य
लाभ16:42 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:22 – 19:42टालें
शुभ19:42 – 21:02शुभ
अमृत21:02 – 22:22शुभ
चर22:22 – 23:43सामान्य
रोग23:43 – 01:03टालें
काल01:03 – 02:23टालें
लाभ02:23 – 03:43शुभ
उद्वेग03:43 – 05:04टालें

22 जुलाई 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 05:17 तक
शुक्ल नवमी 07:03, 23 जुल॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 23:03 तक
विशाखा 01:42, 24 जुल॰ तक
योग
साध्य 18:42 तक
शुभ 19:20, 23 जुल॰ तक
करण
बव 05:17 तक
बालव 18:07 तक
कौलव 07:03, 23 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
12:29
चंद्रास्त
23:39
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 – 04:20
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:09 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:42 – 13:22
यमगंड
06:43 – 08:23
गुलिक काल
10:03 – 11:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0306:10दिन
चंद्र06:1007:16दिन
शनि07:1608:23दिन
गुरु08:2309:29दिन
मंगल09:2910:36दिन
सूर्य10:3611:42दिन
शुक्र11:4212:49दिन
बुध12:4913:55दिन
चंद्र13:5515:02दिन
शनि15:0216:09दिन
गुरु16:0917:15दिन
मंगल17:1518:22दिन
सूर्य18:2219:15रात
शुक्र19:1520:09रात
बुध20:0921:02रात
चंद्र21:0221:56रात
शनि21:5622:49रात
गुरु22:4923:43रात
मंगल23:4300:36रात
सूर्य00:3601:30रात
शुक्र01:3002:23रात
बुध02:2303:17रात
चंद्र03:1704:10रात
शनि04:1005:04रात

अयनांश 24.2280° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।