12 मई 2027 को कोलकाता का चौघड़िया

बुधवार, 12 मई 2027, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 मई 2027 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (23:13 तक), नक्षत्र पुष्य (14:56 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 11:33 से 13:11 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 18:08
रात 04:57 तक
तिथि
सप्तमी, 23:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 14:56 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:58 – 06:36शुभ
अमृत06:36 – 08:15शुभ
काल08:15 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:33शुभ
रोग11:33 – 13:11टालें
उद्वेग13:11 – 14:50टालें
चर14:50 – 16:29सामान्य
लाभ16:29 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:08 – 19:29टालें
शुभ19:29 – 20:50शुभ
अमृत20:50 – 22:11शुभ
चर22:11 – 23:32सामान्य
रोग23:32 – 00:53टालें
काल00:53 – 02:15टालें
लाभ02:15 – 03:36शुभ
उद्वेग03:36 – 04:57टालें

12 मई 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 23:13 तक
शुक्ल अष्टमी 21:18, 13 मई तक
नक्षत्र
पुष्य 14:56 तक
आश्लेषा 13:41, 13 मई तक
योग
गंडअशुभ 14:04 तक
वृद्धि 11:20, 13 मई तक
करण
गर 12:17 तक
वणिज 23:13 तक
विष्टि (भद्रा) 10:13, 13 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
10:29
चंद्रास्त
23:56
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:31 – 04:14
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:59 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:33 – 13:11
यमगंड
06:36 – 08:15
गुलिक काल
09:54 – 11:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:5806:03दिन
चंद्र06:0307:09दिन
शनि07:0908:15दिन
गुरु08:1509:21दिन
मंगल09:2110:27दिन
सूर्य10:2711:33दिन
शुक्र11:3312:38दिन
बुध12:3813:44दिन
चंद्र13:4414:50दिन
शनि14:5015:56दिन
गुरु15:5617:02दिन
मंगल17:0218:08दिन
सूर्य18:0819:02रात
शुक्र19:0219:56रात
बुध19:5620:50रात
चंद्र20:5021:44रात
शनि21:4422:38रात
गुरु22:3823:32रात
मंगल23:3200:26रात
सूर्य00:2601:21रात
शुक्र01:2102:15रात
बुध02:1503:09रात
चंद्र03:0904:03रात
शनि04:0304:57रात

अयनांश 24.2392° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।