10 जुलाई 2027 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 10 जुलाई 2027, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 जुलाई 2027 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (12:37 तक), नक्षत्र हस्त (22:51 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 08:20 से 10:01 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 18:24
रात 04:59 तक
तिथि
सप्तमी, 12:37 तक
अष्टमी
नक्षत्र
हस्त, 22:51 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल04:58 – 06:39टालें
शुभ06:39 – 08:20शुभ
रोग08:20 – 10:01टालें
उद्वेग10:01 – 11:41टालें
चर11:41 – 13:22सामान्य
लाभ13:22 – 15:03शुभ
अमृत15:03 – 16:44शुभ
काल16:44 – 18:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:24 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:03टालें
शुभ21:03 – 22:22शुभ
अमृत22:22 – 23:42शुभ
चर23:42 – 01:01सामान्य
रोग01:01 – 02:20टालें
काल02:20 – 03:39टालें
लाभ03:39 – 04:59शुभ

10 जुलाई 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 12:37 तक
शुक्ल अष्टमी 11:50, 11 जुल॰ तक
नक्षत्र
हस्त 22:51 तक
चित्रा 23:05, 11 जुल॰ तक
योग
परिघअशुभ 16:10 तक
शिव 14:36, 11 जुल॰ तक
करण
वणिज 12:37 तक
विष्टि (भद्रा) 00:09, 11 जुल॰ तक
बव 11:50, 11 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
11:13
चंद्रास्त
23:00
दिनमान
13h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:34 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
08:20 – 10:01
यमगंड
13:22 – 15:03
गुलिक काल
04:58 – 06:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि04:5806:05दिन
गुरु06:0507:13दिन
मंगल07:1308:20दिन
सूर्य08:2009:27दिन
शुक्र09:2710:34दिन
बुध10:3411:41दिन
चंद्र11:4112:49दिन
शनि12:4913:56दिन
गुरु13:5615:03दिन
मंगल15:0316:10दिन
सूर्य16:1017:17दिन
शुक्र17:1718:24दिन
बुध18:2419:17रात
चंद्र19:1720:10रात
शनि20:1021:03रात
गुरु21:0321:56रात
मंगल21:5622:49रात
सूर्य22:4923:42रात
शुक्र23:4200:34रात
बुध00:3401:27रात
चंद्र01:2702:20रात
शनि02:2003:13रात
गुरु03:1304:06रात
मंगल04:0604:59रात

अयनांश 24.2415° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।