14 अक्टूबर 2062 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 14 अक्टूबर 2062, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 अक्टूबर 2062 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (11:57 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (08:23 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 17:12
रात 05:33 तक
तिथि
एकादशी, 11:57 तक
द्वादशी
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2062 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:32 – 07:00टालें
शुभ07:00 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:54टालें
उद्वेग09:54 – 11:22टालें
चर11:22 – 12:49सामान्य
लाभ12:49 – 14:17शुभ
अमृत14:17 – 15:44शुभ
काल15:44 – 17:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:12 – 18:44शुभ
उद्वेग18:44 – 20:17टालें
शुभ20:17 – 21:49शुभ
अमृत21:49 – 23:22शुभ
चर23:22 – 00:55सामान्य
रोग00:55 – 02:27टालें
काल02:27 – 04:00टालें
लाभ04:00 – 05:33शुभ

14 अक्टूबर 2062 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 11:57 तक
शुक्ल द्वादशी 13:21, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 10:25, 15 अक्टू॰ तक
योग
गंडअशुभ 03:08, 15 अक्टू॰ तक
वृद्धि 02:53, 16 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:57 तक
बव 00:43, 15 अक्टू॰ तक
बालव 13:21, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
14:51
चंद्रास्त
01:45
दिनमान
11h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2119
शक संवत
1984, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:45

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:54
यमगंड
12:49 – 14:17
गुलिक काल
05:32 – 07:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3206:30दिन
गुरु06:3007:29दिन
मंगल07:2908:27दिन
सूर्य08:2709:25दिन
शुक्र09:2510:24दिन
बुध10:2411:22दिन
चंद्र11:2212:20दिन
शनि12:2013:18दिन
गुरु13:1814:17दिन
मंगल14:1715:15दिन
सूर्य15:1516:13दिन
शुक्र16:1317:12दिन
बुध17:1218:13रात
चंद्र18:1319:15रात
शनि19:1520:17रात
गुरु20:1721:19रात
मंगल21:1922:20रात
सूर्य22:2023:22रात
शुक्र23:2200:24रात
बुध00:2401:26रात
चंद्र01:2602:27रात
शनि02:2703:29रात
गुरु03:2904:31रात
मंगल04:3105:33रात

अयनांश 24.7342° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।