25 सितंबर 2071 को कोलकाता का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 सितंबर 2071, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 सितंबर 2071 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (19:03 तक), नक्षत्र चित्रा (03:42, 26 सित॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 09:57 से 11:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 17:30
रात 05:26 तक
तिथि
द्वितीया, 19:03 तक
तृतीया
नक्षत्र
चित्रा, 03:42 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2071 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:26 – 06:56सामान्य
लाभ06:56 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:57शुभ
काल09:57 – 11:28टालें
शुभ11:28 – 12:58शुभ
रोग12:58 – 14:29टालें
उद्वेग14:29 – 15:59टालें
चर15:59 – 17:30सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:30 – 18:59टालें
काल18:59 – 20:29टालें
लाभ20:29 – 21:58शुभ
उद्वेग21:58 – 23:28टालें
शुभ23:28 – 00:57शुभ
अमृत00:57 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:56सामान्य
रोग03:56 – 05:26टालें

25 सितंबर 2071 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 19:03 तक
शुक्ल तृतीया 18:00, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 03:42, 26 सित॰ तक
स्वाति 03:37, 27 सित॰ तक
योग
ब्रह्म 09:01 तक
इंद्र 06:50, 26 सित॰ तक
करण
बालव 07:48 तक
कौलव 19:03 तक
तैतिल 06:26, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 15:59 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
06:46
चंद्रास्त
18:46
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2128
शक संवत
1993, खर संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:03 – 11:52

अशुभ समय

राहुकाल
09:57 – 11:28
यमगंड
14:29 – 15:59
गुलिक काल
06:56 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2606:26दिन
बुध06:2607:26दिन
चंद्र07:2608:27दिन
शनि08:2709:27दिन
गुरु09:2710:27दिन
मंगल10:2711:28दिन
सूर्य11:2812:28दिन
शुक्र12:2813:28दिन
बुध13:2814:29दिन
चंद्र14:2915:29दिन
शनि15:2916:29दिन
गुरु16:2917:30दिन
मंगल17:3018:29रात
सूर्य18:2919:29रात
शुक्र19:2920:29रात
बुध20:2921:28रात
चंद्र21:2822:28रात
शनि22:2823:28रात
गुरु23:2800:27रात
मंगल00:2701:27रात
सूर्य01:2702:27रात
शुक्र02:2703:27रात
बुध03:2704:26रात
चंद्र04:2605:26रात

अयनांश 24.8592° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।