12 अक्टूबर 2080 को कोलकाता का चौघड़िया

शनिवार, 12 अक्टूबर 2080, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 12 अक्टूबर 2080 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (10:16 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (05:32 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 17:13
रात 05:32 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:16 तक
अमावस्या
नक्षत्र
हस्त, 04:11 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2080 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:32 – 06:59टालें
शुभ06:59 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:22टालें
चर11:22 – 12:50सामान्य
लाभ12:50 – 14:17शुभ
अमृत14:17 – 15:45शुभ
काल15:45 – 17:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:13 – 18:45शुभ
उद्वेग18:45 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 21:50शुभ
अमृत21:50 – 23:22शुभ
चर23:22 – 00:55सामान्य
रोग00:55 – 02:27टालें
काल02:27 – 04:00टालें
लाभ04:00 – 05:32शुभ

12 अक्टूबर 2080 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 10:16 तक
अमावस्या 08:14, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 04:11, 13 अक्टू॰ तक
चित्रा 03:12, 14 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 00:40, 13 अक्टू॰ तक
वैधृतिअशुभ 22:05, 13 अक्टू॰ तक
करण
शकुनि 10:16 तक
चतुष्पद 21:12 तक
नाग 08:14, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
04:30
चंद्रास्त
16:40
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2137
शक संवत
2002, शार्वरी संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:55
यमगंड
12:50 – 14:17
गुलिक काल
05:32 – 06:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3206:30दिन
गुरु06:3007:28दिन
मंगल07:2808:27दिन
सूर्य08:2709:25दिन
शुक्र09:2510:24दिन
बुध10:2411:22दिन
चंद्र11:2212:21दिन
शनि12:2113:19दिन
गुरु13:1914:17दिन
मंगल14:1715:16दिन
सूर्य15:1616:14दिन
शुक्र16:1417:13दिन
बुध17:1318:14रात
चंद्र18:1419:16रात
शनि19:1620:18रात
गुरु20:1821:19रात
मंगल21:1922:21रात
सूर्य22:2123:22रात
शुक्र23:2200:24रात
बुध00:2401:26रात
चंद्र01:2602:27रात
शनि02:2703:29रात
गुरु03:2904:30रात
मंगल04:3005:32रात

अयनांश 24.9856° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।