11 अक्टूबर 2083 को कोलकाता का चौघड़िया

सोमवार, 11 अक्टूबर 2083, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 11 अक्टूबर 2083 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (15:54 तक), नक्षत्र हस्त (15:59 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 06:59 से 08:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 17:14
रात 05:31 तक
तिथि
अमावस्या, 15:54 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त, 15:59 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2083 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:31 – 06:59शुभ
काल06:59 – 08:27टालें
शुभ08:27 – 09:55शुभ
रोग09:55 – 11:23टालें
उद्वेग11:23 – 12:51टालें
चर12:51 – 14:18सामान्य
लाभ14:18 – 15:46शुभ
अमृत15:46 – 17:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:14 – 18:46सामान्य
रोग18:46 – 20:19टालें
काल20:19 – 21:51टालें
लाभ21:51 – 23:23शुभ
उद्वेग23:23 – 00:55टालें
शुभ00:55 – 02:27शुभ
अमृत02:27 – 03:59शुभ
चर03:59 – 05:31सामान्य

11 अक्टूबर 2083 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 15:54 तक
शुक्ल प्रतिपदा 12:56, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:59 तक
चित्रा 13:46, 12 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 16:03 तक
वैधृतिअशुभ 12:28, 12 अक्टू॰ तक
करण
नाग 15:54 तक
किंस्तुघ्न 02:27, 12 अक्टू॰ तक
बव 12:56, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 02:54, 12 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
05:09
चंद्रास्त
16:57
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2140
शक संवत
2005, शोभकृत संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
06:59 – 08:27
यमगंड
09:55 – 11:23
गुलिक काल
12:51 – 14:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3106:30दिन
शनि06:3007:28दिन
गुरु07:2808:27दिन
मंगल08:2709:25दिन
सूर्य09:2510:24दिन
शुक्र10:2411:23दिन
बुध11:2312:21दिन
चंद्र12:2113:20दिन
शनि13:2014:18दिन
गुरु14:1815:17दिन
मंगल15:1716:16दिन
सूर्य16:1617:14दिन
शुक्र17:1418:16रात
बुध18:1619:17रात
चंद्र19:1720:19रात
शनि20:1921:20रात
गुरु21:2022:21रात
मंगल22:2123:23रात
सूर्य23:2300:24रात
शुक्र00:2401:26रात
बुध01:2602:27रात
चंद्र02:2703:28रात
शनि03:2804:30रात
गुरु04:3005:31रात

अयनांश 25.0275° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।