10 अक्टूबर 2029 को कोल्लम का चौघड़िया

बुधवार, 10 अक्टूबर 2029, कोल्लम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 अक्टूबर 2029 को कोल्लम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (13:41 तक), नक्षत्र विशाखा (20:37 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 12:10 से 13:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 18:09
रात 06:11 तक
तिथि
तृतीया, 13:41 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
विशाखा, 20:37 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:11 – 07:41शुभ
अमृत07:41 – 09:11शुभ
काल09:11 – 10:40टालें
शुभ10:40 – 12:10शुभ
रोग12:10 – 13:40टालें
उद्वेग13:40 – 15:10टालें
चर15:10 – 16:39सामान्य
लाभ16:39 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:09 – 19:39टालें
शुभ19:39 – 21:10शुभ
अमृत21:10 – 22:40शुभ
चर22:40 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 01:40टालें
काल01:40 – 03:11टालें
लाभ03:11 – 04:41शुभ
उद्वेग04:41 – 06:11टालें

10 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 13:41 तक
शुक्ल चतुर्थी 10:36, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 20:37 तक
अनुराधा 18:29, 11 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 20:38 तक
आयुष्मान 17:06, 11 अक्टू॰ तक
करण
गर 13:41 तक
वणिज 00:05, 11 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 10:36, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 15:14 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
08:28
चंद्रास्त
20:28
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:34 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:10 – 13:40
यमगंड
07:41 – 09:11
गुलिक काल
10:40 – 12:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1107:11दिन
चंद्र07:1108:11दिन
शनि08:1109:11दिन
गुरु09:1110:10दिन
मंगल10:1011:10दिन
सूर्य11:1012:10दिन
शुक्र12:1013:10दिन
बुध13:1014:10दिन
चंद्र14:1015:10दिन
शनि15:1016:09दिन
गुरु16:0917:09दिन
मंगल17:0918:09दिन
सूर्य18:0919:09रात
शुक्र19:0920:09रात
बुध20:0921:10रात
चंद्र21:1022:10रात
शनि22:1023:10रात
गुरु23:1000:10रात
मंगल00:1001:10रात
सूर्य01:1002:10रात
शुक्र02:1003:11रात
बुध03:1104:11रात
चंद्र04:1105:11रात
शनि05:1106:11रात

अयनांश 24.2730° (लाहिड़ी)। समय कोल्लम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।