6 मार्च 2029 को कोटा का चौघड़िया

मंगलवार, 6 मार्च 2029, कोटा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 मार्च 2029 को कोटा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (01:52, 7 मार्च तक), नक्षत्र अनुराधा (02:33, 7 मार्च तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 15:34 से 17:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 18:31
रात 06:43 तक
तिथि
सप्तमी, 01:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अनुराधा, 02:33 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:44 – 08:13टालें
उद्वेग08:13 – 09:41टालें
चर09:41 – 11:09सामान्य
लाभ11:09 – 12:38शुभ
अमृत12:38 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:34टालें
शुभ15:34 – 17:02शुभ
रोग17:02 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:31 – 20:02टालें
लाभ20:02 – 21:34शुभ
उद्वेग21:34 – 23:05टालें
शुभ23:05 – 00:37शुभ
अमृत00:37 – 02:09शुभ
चर02:09 – 03:40सामान्य
रोग03:40 – 05:12टालें
काल05:12 – 06:43टालें

6 मार्च 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 01:52, 7 मार्च तक
कृष्ण अष्टमी 01:00, 8 मार्च तक
नक्षत्र
अनुराधा 02:33, 7 मार्च तक
ज्येष्ठा 02:23, 8 मार्च तक
योग
हर्षण 22:47 तक
वज्रअशुभ 20:50, 7 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:34 तक
बव 01:52, 7 मार्च तक
बालव 13:21, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:37
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
15:34 – 17:02
यमगंड
09:41 – 11:09
गुलिक काल
12:38 – 14:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4407:43दिन
सूर्य07:4308:42दिन
शुक्र08:4209:41दिन
बुध09:4110:40दिन
चंद्र10:4011:39दिन
शनि11:3912:38दिन
गुरु12:3813:36दिन
मंगल13:3614:35दिन
सूर्य14:3515:34दिन
शुक्र15:3416:33दिन
बुध16:3317:32दिन
चंद्र17:3218:31दिन
शनि18:3119:32रात
गुरु19:3220:33रात
मंगल20:3321:34रात
सूर्य21:3422:35रात
शुक्र22:3523:36रात
बुध23:3600:37रात
चंद्र00:3701:38रात
शनि01:3802:39रात
गुरु02:3903:40रात
मंगल03:4004:41रात
सूर्य04:4105:42रात
शुक्र05:4206:43रात

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय कोटा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।