3 अप्रैल 2027 को कृष्णनगर का चौघड़िया

शनिवार, 3 अप्रैल 2027, कृष्णनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 अप्रैल 2027 को कृष्णनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (04:27, 4 अप्रैल तक), नक्षत्र धनिष्ठा (14:41 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 08:33 से 10:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 17:52
रात 05:25 तक
तिथि
द्वादशी, 04:27 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा, 14:41 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:26 – 07:00टालें
शुभ07:00 – 08:33शुभ
रोग08:33 – 10:06टालें
उद्वेग10:06 – 11:39टालें
चर11:39 – 13:12सामान्य
लाभ13:12 – 14:45शुभ
अमृत14:45 – 16:19शुभ
काल16:19 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:52 – 19:18शुभ
उद्वेग19:18 – 20:45टालें
शुभ20:45 – 22:12शुभ
अमृत22:12 – 23:39शुभ
चर23:39 – 01:05सामान्य
रोग01:05 – 02:32टालें
काल02:32 – 03:59टालें
लाभ03:59 – 05:25शुभ

3 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 04:27, 4 अप्रैल तक
कृष्ण त्रयोदशी 05:23, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
शतभिषा 16:33, 4 अप्रैल तक
योग
साध्य 10:10 तक
शुभ 10:14, 4 अप्रैल तक
करण
कौलव 15:44 तक
तैतिल 04:27, 4 अप्रैल तक
गर 17:00, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
03:03
चंद्रास्त
14:42
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:04

अशुभ समय

राहुकाल
08:33 – 10:06
यमगंड
13:12 – 14:45
गुलिक काल
05:26 – 07:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2606:29दिन
गुरु06:2907:31दिन
मंगल07:3108:33दिन
सूर्य08:3309:35दिन
शुक्र09:3510:37दिन
बुध10:3711:39दिन
चंद्र11:3912:41दिन
शनि12:4113:43दिन
गुरु13:4314:45दिन
मंगल14:4515:48दिन
सूर्य15:4816:50दिन
शुक्र16:5017:52दिन
बुध17:5218:50रात
चंद्र18:5019:47रात
शनि19:4720:45रात
गुरु20:4521:43रात
मंगल21:4322:41रात
सूर्य22:4123:39रात
शुक्र23:3900:36रात
बुध00:3601:34रात
चंद्र01:3402:32रात
शनि02:3203:30रात
गुरु03:3004:28रात
मंगल04:2805:25रात

अयनांश 24.2377° (लाहिड़ी)। समय कृष्णनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।