9 अप्रैल 2028 को कृष्णनगर का चौघड़िया

रविवार, 9 अप्रैल 2028, कृष्णनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 9 अप्रैल 2028 को कृष्णनगर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (15:56 तक), नक्षत्र हस्त (11:52 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 16:20 से 17:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 17:54
रात 05:19 तक
तिथि
पूर्णिमा, 15:56 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त, 11:52 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:20 – 06:54टालें
चर06:54 – 08:29सामान्य
लाभ08:29 – 10:03शुभ
अमृत10:03 – 11:37शुभ
काल11:37 – 13:11टालें
शुभ13:11 – 14:46शुभ
रोग14:46 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:54 – 19:20शुभ
अमृत19:20 – 20:46शुभ
चर20:46 – 22:11सामान्य
रोग22:11 – 23:37टालें
काल23:37 – 01:02टालें
लाभ01:02 – 02:28शुभ
उद्वेग02:28 – 03:54टालें
शुभ03:54 – 05:19शुभ

9 अप्रैल 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 15:56 तक
कृष्ण प्रतिपदा 12:58, 10 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 11:52 तक
चित्रा 09:37, 10 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 18:27 तक
हर्षण 14:56, 10 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 05:32 तक
बव 15:56 तक
बालव 02:24, 10 अप्रैल तक
कौलव 12:58, 10 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कन्या 22:42 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
17:57
चंद्रास्त
04:48
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
16:20 – 17:54
यमगंड
11:37 – 13:11
गुलिक काल
14:46 – 16:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2006:23दिन
शुक्र06:2307:26दिन
बुध07:2608:29दिन
चंद्र08:2909:31दिन
शनि09:3110:34दिन
गुरु10:3411:37दिन
मंगल11:3712:40दिन
सूर्य12:4013:43दिन
शुक्र13:4314:46दिन
बुध14:4615:49दिन
चंद्र15:4916:52दिन
शनि16:5217:54दिन
गुरु17:5418:51रात
मंगल18:5119:48रात
सूर्य19:4820:46रात
शुक्र20:4621:43रात
बुध21:4322:40रात
चंद्र22:4023:37रात
शनि23:3700:34रात
गुरु00:3401:31रात
मंगल01:3102:28रात
सूर्य02:2803:25रात
शुक्र03:2504:22रात
बुध04:2205:19रात

अयनांश 24.2520° (लाहिड़ी)। समय कृष्णनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।