20 जनवरी 2025 को कुरनूल का चौघड़िया

सोमवार, 20 जनवरी 2025, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 जनवरी 2025 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:59 तक), नक्षत्र हस्त (20:30 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 08:13 से 09:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:08
रात 06:48 तक
तिथि
षष्ठी, 09:59 तक
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 20:30 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:48 – 08:13शुभ
काल08:13 – 09:38टालें
शुभ09:38 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:28टालें
उद्वेग12:28 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:18सामान्य
लाभ15:18 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:08 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:18टालें
काल21:18 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:28शुभ
उद्वेग00:28 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:38शुभ
अमृत03:38 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:48सामान्य

20 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:59 तक
कृष्ण सप्तमी 12:40, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:30 तक
चित्रा 23:36, 21 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 02:52, 21 जन॰ तक
धृति 03:49, 22 जन॰ तक
करण
वणिज 09:59 तक
विष्टि (भद्रा) 23:18 तक
बव 12:40, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
23:34
चंद्रास्त
10:56
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
08:13 – 09:38
यमगंड
11:03 – 12:28
गुलिक काल
13:53 – 15:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4807:45दिन
शनि07:4508:42दिन
गुरु08:4209:38दिन
मंगल09:3810:35दिन
सूर्य10:3511:32दिन
शुक्र11:3212:28दिन
बुध12:2813:25दिन
चंद्र13:2514:22दिन
शनि14:2215:18दिन
गुरु15:1816:15दिन
मंगल16:1517:12दिन
सूर्य17:1218:08दिन
शुक्र18:0819:12रात
बुध19:1220:15रात
चंद्र20:1521:18रात
शनि21:1822:22रात
गुरु22:2223:25रात
मंगल23:2500:28रात
सूर्य00:2801:32रात
शुक्र01:3202:35रात
बुध02:3503:38रात
चंद्र03:3804:42रात
शनि04:4205:45रात
गुरु05:4506:48रात

अयनांश 24.2070° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।