21 अक्टूबर 2025 को कुरनूल का चौघड़िया

मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (17:55 तक), नक्षत्र चित्रा (22:58 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 14:57 से 16:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 17:53
रात 06:11 तक
तिथि
अमावस्या, 17:55 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
चित्रा, 22:58 तक
स्वाति
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:11 – 07:39टालें
उद्वेग07:39 – 09:06टालें
चर09:06 – 10:34सामान्य
लाभ10:34 – 12:02शुभ
अमृत12:02 – 13:30शुभ
काल13:30 – 14:57टालें
शुभ14:57 – 16:25शुभ
रोग16:25 – 17:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:53 – 19:25टालें
लाभ19:25 – 20:57शुभ
उद्वेग20:57 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:02शुभ
अमृत00:02 – 01:34शुभ
चर01:34 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:39टालें
काल04:39 – 06:11टालें

21 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 17:55 तक
शुक्ल प्रतिपदा 20:17, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 22:58 तक
स्वाति 01:51, 23 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 03:16, 22 अक्टू॰ तक
प्रीति 04:05, 23 अक्टू॰ तक
करण
नाग 17:55 तक
किंस्तुघ्न 07:04, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 09:36 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
05:50
चंद्रास्त
17:40
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
14:57 – 16:25
यमगंड
09:06 – 10:34
गुलिक काल
12:02 – 13:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1107:09दिन
सूर्य07:0908:08दिन
शुक्र08:0809:06दिन
बुध09:0610:05दिन
चंद्र10:0511:03दिन
शनि11:0312:02दिन
गुरु12:0213:00दिन
मंगल13:0013:59दिन
सूर्य13:5914:57दिन
शुक्र14:5715:56दिन
बुध15:5616:54दिन
चंद्र16:5417:53दिन
शनि17:5318:54रात
गुरु18:5419:56रात
मंगल19:5620:57रात
सूर्य20:5721:59रात
शुक्र21:5923:01रात
बुध23:0100:02रात
चंद्र00:0201:04रात
शनि01:0402:05रात
गुरु02:0503:07रात
मंगल03:0704:08रात
सूर्य04:0805:10रात
शुक्र05:1006:11रात

अयनांश 24.2175° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।