1 फ़रवरी 2026 को कुरनूल का चौघड़िया

रविवार, 1 फ़रवरी 2026, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 फ़रवरी 2026 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (03:39, 2 फ़र॰ तक), नक्षत्र पुष्य (23:58 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 16:49 से 18:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:15
रात 06:47 तक
तिथि
पूर्णिमा, 03:39 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुष्य, 23:58 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:47 – 08:13टालें
चर08:13 – 09:39सामान्य
लाभ09:39 – 11:05शुभ
अमृत11:05 – 12:31शुभ
काल12:31 – 13:57टालें
शुभ13:57 – 15:23शुभ
रोग15:23 – 16:49टालें
उद्वेग16:49 – 18:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:15 – 19:49शुभ
अमृत19:49 – 21:23शुभ
चर21:23 – 22:57सामान्य
रोग22:57 – 00:31टालें
काल00:31 – 02:05टालें
लाभ02:05 – 03:39शुभ
उद्वेग03:39 – 05:13टालें
शुभ05:13 – 06:47शुभ

1 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 03:39, 2 फ़र॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 01:52, 3 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:58 तक
आश्लेषा 22:47, 2 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 10:18 तक
आयुष्मान 07:20, 2 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:43 तक
बव 03:39, 2 फ़र॰ तक
बालव 14:42, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
17:48
चंद्रास्त
06:13
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
16:49 – 18:15
यमगंड
12:31 – 13:57
गुलिक काल
15:23 – 16:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4707:45दिन
शुक्र07:4508:42दिन
बुध08:4209:39दिन
चंद्र09:3910:36दिन
शनि10:3611:34दिन
गुरु11:3412:31दिन
मंगल12:3113:28दिन
सूर्य13:2814:26दिन
शुक्र14:2615:23दिन
बुध15:2316:20दिन
चंद्र16:2017:17दिन
शनि17:1718:15दिन
गुरु18:1519:17रात
मंगल19:1720:20रात
सूर्य20:2021:23रात
शुक्र21:2322:25रात
बुध22:2523:28रात
चंद्र23:2800:31रात
शनि00:3101:34रात
गुरु01:3402:36रात
मंगल02:3603:39रात
सूर्य03:3904:42रात
शुक्र04:4205:44रात
बुध05:4406:47रात

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।