27 जनवरी 2027 को कुरनूल का चौघड़िया

बुधवार, 27 जनवरी 2027, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 27 जनवरी 2027 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (03:54, 28 जन॰ तक), नक्षत्र हस्त (23:56 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:12
रात 06:48 तक
तिथि
षष्ठी, 03:54 तक
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 23:56 तक
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:48 – 08:14शुभ
अमृत08:14 – 09:39शुभ
काल09:39 – 11:05टालें
शुभ11:05 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:21टालें
चर15:21 – 16:47सामान्य
लाभ16:47 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:12 – 19:47टालें
शुभ19:47 – 21:21शुभ
अमृत21:21 – 22:55शुभ
चर22:55 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 02:04टालें
काल02:04 – 03:39टालें
लाभ03:39 – 05:13शुभ
उद्वेग05:13 – 06:48टालें

27 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 03:54, 28 जन॰ तक
कृष्ण सप्तमी 04:03, 29 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 23:56 तक
चित्रा 00:32, 29 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 18:19 तक
धृति 16:58, 28 जन॰ तक
करण
गर 16:07 तक
वणिज 03:54, 28 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:52, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
22:59
चंद्रास्त
10:13
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:56
यमगंड
08:14 – 09:39
गुलिक काल
11:05 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4807:45दिन
चंद्र07:4508:42दिन
शनि08:4209:39दिन
गुरु09:3910:36दिन
मंगल10:3611:33दिन
सूर्य11:3312:30दिन
शुक्र12:3013:27दिन
बुध13:2714:24दिन
चंद्र14:2415:21दिन
शनि15:2116:18दिन
गुरु16:1817:15दिन
मंगल17:1518:12दिन
सूर्य18:1219:15रात
शुक्र19:1520:18रात
बुध20:1821:21रात
चंद्र21:2122:24रात
शनि22:2423:27रात
गुरु23:2700:30रात
मंगल00:3001:33रात
सूर्य01:3302:36रात
शुक्र02:3603:39रात
बुध03:3904:42रात
चंद्र04:4205:45रात
शनि05:4506:48रात

अयनांश 24.2352° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।