7 जनवरी 2029 को कुरनूल का चौघड़िया

रविवार, 7 जनवरी 2029, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 जनवरी 2029 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (08:00 तक), नक्षत्र हस्त (19:02 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 16:37 से 18:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:01
रात 06:47 तक
तिथि
अष्टमी, 05:54 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त, 19:02 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:47 – 08:11टालें
चर08:11 – 09:35सामान्य
लाभ09:35 – 10:59शुभ
अमृत10:59 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:48टालें
शुभ13:48 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:37टालें
उद्वेग16:37 – 18:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:01 – 19:37शुभ
अमृत19:37 – 21:12शुभ
चर21:12 – 22:48सामान्य
रोग22:48 – 00:24टालें
काल00:24 – 02:00टालें
लाभ02:00 – 03:35शुभ
उद्वेग03:35 – 05:11टालें
शुभ05:11 – 06:47शुभ

7 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:00 तक
कृष्ण अष्टमी 05:54, 8 जन॰ तक
कृष्ण नवमी 04:00, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 19:02 तक
चित्रा 17:43, 8 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:24, 8 जन॰ तक
सुकर्मा 21:36, 8 जन॰ तक
करण
बव 08:00 तक
बालव 18:56 तक
कौलव 05:54, 8 जन॰ तक
तैतिल 16:56, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 06:21, 8 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:37
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
16:37 – 18:01
यमगंड
12:24 – 13:48
गुलिक काल
15:12 – 16:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4707:43दिन
शुक्र07:4308:39दिन
बुध08:3909:35दिन
चंद्र09:3510:31दिन
शनि10:3111:28दिन
गुरु11:2812:24दिन
मंगल12:2413:20दिन
सूर्य13:2014:16दिन
शुक्र14:1615:12दिन
बुध15:1216:08दिन
चंद्र16:0817:05दिन
शनि17:0518:01दिन
गुरु18:0119:05रात
मंगल19:0520:08रात
सूर्य20:0821:12रात
शुक्र21:1222:16रात
बुध22:1623:20रात
चंद्र23:2000:24रात
शनि00:2401:28रात
गुरु01:2802:31रात
मंगल02:3103:35रात
सूर्य03:3504:39रात
शुक्र04:3905:43रात
बुध05:4306:47रात

अयनांश 24.2624° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।