26 जनवरी 2029 को कुरनूल का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 जनवरी 2029, कुरनूल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 जनवरी 2029 को कुरनूल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (17:13 तक), नक्षत्र रोहिणी (14:59 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 11:05 से 12:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:12
रात 06:48 तक
तिथि
एकादशी, 17:13 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रोहिणी, 14:59 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:48 – 08:14सामान्य
लाभ08:14 – 09:39शुभ
अमृत09:39 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:30टालें
शुभ12:30 – 13:55शुभ
रोग13:55 – 15:21टालें
उद्वेग15:21 – 16:46टालें
चर16:46 – 18:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:12 – 19:46टालें
काल19:46 – 21:21टालें
लाभ21:21 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:30टालें
शुभ00:30 – 02:04शुभ
अमृत02:04 – 03:39शुभ
चर03:39 – 05:14सामान्य
रोग05:14 – 06:48टालें

26 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 17:13 तक
शुक्ल द्वादशी 16:49, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:59 तक
मृगशिरा 15:15, 27 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 10:47 तक
इंद्र 09:27, 27 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:13 तक
बव 05:07, 27 जन॰ तक
बालव 16:49, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:13, 27 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
14:27
चंद्रास्त
03:02
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
11:05 – 12:30
यमगंड
15:21 – 16:46
गुलिक काल
08:14 – 09:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4807:45दिन
बुध07:4508:42दिन
चंद्र08:4209:39दिन
शनि09:3910:36दिन
गुरु10:3611:33दिन
मंगल11:3312:30दिन
सूर्य12:3013:27दिन
शुक्र13:2714:24दिन
बुध14:2415:21दिन
चंद्र15:2116:18दिन
शनि16:1817:15दिन
गुरु17:1518:12दिन
मंगल18:1219:15रात
सूर्य19:1520:18रात
शुक्र20:1821:21रात
बुध21:2122:24रात
चंद्र22:2423:27रात
शनि23:2700:30रात
गुरु00:3001:33रात
मंगल01:3302:36रात
सूर्य02:3603:39रात
शुक्र03:3904:42रात
बुध04:4205:45रात
चंद्र05:4506:48रात

अयनांश 24.2631° (लाहिड़ी)। समय कुरनूल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।