6 अक्टूबर 2026 को कुरुक्षेत्र का चौघड़िया

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026, कुरुक्षेत्र, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को कुरुक्षेत्र में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:34, 7 अक्टू॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (22:17 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 15:06 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:02
रात 06:19 तक
तिथि
एकादशी, 00:34 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 22:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:18 – 07:46टालें
उद्वेग07:46 – 09:14टालें
चर09:14 – 10:42सामान्य
लाभ10:42 – 12:10शुभ
अमृत12:10 – 13:38शुभ
काल13:38 – 15:06टालें
शुभ15:06 – 16:34शुभ
रोग16:34 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:02 – 19:34टालें
लाभ19:34 – 21:06शुभ
उद्वेग21:06 – 22:38टालें
शुभ22:38 – 00:10शुभ
अमृत00:10 – 01:43शुभ
चर01:43 – 03:15सामान्य
रोग03:15 – 04:47टालें
काल04:47 – 06:19टालें

6 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:34, 7 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:17, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:40, 7 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 07:20 तक
साध्य 05:00, 7 अक्टू॰ तक
शुभ 02:52, 8 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:19 तक
बालव 00:34, 7 अक्टू॰ तक
कौलव 11:53, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 22:17 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
01:41
चंद्रास्त
15:30
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
15:06 – 16:34
यमगंड
09:14 – 10:42
गुलिक काल
12:10 – 13:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1807:17दिन
सूर्य07:1708:16दिन
शुक्र08:1609:14दिन
बुध09:1410:13दिन
चंद्र10:1311:11दिन
शनि11:1112:10दिन
गुरु12:1013:09दिन
मंगल13:0914:07दिन
सूर्य14:0715:06दिन
शुक्र15:0616:05दिन
बुध16:0517:03दिन
चंद्र17:0318:02दिन
शनि18:0219:03रात
गुरु19:0320:05रात
मंगल20:0521:06रात
सूर्य21:0622:08रात
शुक्र22:0823:09रात
बुध23:0900:10रात
चंद्र00:1001:12रात
शनि01:1202:13रात
गुरु02:1303:15रात
मंगल03:1504:16रात
सूर्य04:1605:17रात
शुक्र05:1706:19रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय कुरुक्षेत्र (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।